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Bangladesh: ढाका में लोगों ने चीन के खिलाफ किया प्रदर्शन, तिब्बत की आजादी की मांग की

Tue, 14 Feb 2023 12:51 AM IST
देव कश्यप एएनआई, ढाका।

सार

तिब्बत के लोग 13 फरवरी को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाते हैं क्योंकि 1913 में इसी दिन 13वें दलाई लामा ने 'स्वतंत्रता की उद्घोषणा' में तिब्बत के स्वतंत्रता की घोषणा की थी।
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ढाका में चीन के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन। - फोटो : ANI
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विस्तार
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चीन के खिलाफ धीरे-धीरे दुनिया के कई देशों में गुस्सा उभर रहा है। ढाका में लोगों ने चीन से तिब्बत की स्वतंत्रता के मुद्दे को उजागर करते हुए बीजिंग के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने वैश्विक समुदाय से तिब्बत को स्वतंत्रता देने के लिए चीन पर दबाव बनाने का भी आह्वान किया।

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ढाका में राष्ट्रीय संग्रहालय, शाहबाग के सामने मुक्तिबोध मंच के तत्वावधान में एक एकजुटता रैली आयोजित की गई और मानव शृंखला बनाया गया। प्रदर्शनकारी 'चाइना फेल्स ह्यूमन राइट्स', 'तिब्बत इज नॉट पार्ट ऑफ चाइना', 'फ्री तिब्बत चाइना आउट' लिखे कई अन्य पोस्टर-बैनर के साथ प्रदर्शन कर रहे थे। तिब्बत के लोग 13 फरवरी को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाते हैं क्योंकि 1913 में इसी दिन 13वें दलाई लामा ने 'स्वतंत्रता की उद्घोषणा' में तिब्बत के स्वतंत्रता की घोषणा की थी।

बता दें कि मार्च 1959 में चीन ने तिब्बत पर कब्जा कर लिया था और तब से तिब्बत के लोग सबसे खराब मानवाधिकारों के उल्लंघन का सामना कर रहे हैं। हाल की एक रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने चेतावनी दी थी कि तिब्बती अल्पसंख्यकों के लगभग दस लाख बच्चे आवासीय स्कूल प्रणाली के माध्यम से तिब्बती लोगों को सांस्कृतिक, धार्मिक और भाषाई रूप से आत्मसात करने के उद्देश्य से चीनी सरकार की नीतियों से प्रभावित हो रहे हैं।
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संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने कहा कि हम इस बात से बहुत परेशान हैं कि हाल के वर्षों में, तिब्बती बच्चों के लिए आवासीय विद्यालय प्रणाली अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों के विपरीत तिब्बतियों को बहुसंख्यक हान संस्कृति में आत्मसात करने के उद्देश्य से अनिवार्य रूप से बड़े पैमाने के कार्यक्रम के रूप में यह कार्य करती प्रतीत होती है। बढ़ते चीनी अत्याचारों ने बड़ी संख्या में तिब्बतियों को तिब्बत से पलायन करने और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में शरण लेने के लिए मजबूर किया है।

प्रदर्शनकारियो ने स्वतंत्र तिब्बत और तिब्बतियों को न्याय दिलाने के लिए संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। ढाका में एकजुटता मार्च तिब्बतियों के मानवाधिकारों की रक्षा के लिए बढ़ते बांग्लादेशी समर्थन का प्रमाण है।

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