Pakistan: भारत में आतंकी हमलों के बाद चौतरफा घिरा पाकिस्तान अब शांति और कूटनीति की बात कर रहा है। विदेश मंत्रालय के बहाने वह खुद को जिम्मेदार दिखाने की कोशिश कर रहा है, जबकि हाल ही में भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' में उसके आतंकी ठिकानों को तबाह किया था।
वैश्विक आतंकवाद की पनाहगाह बन चुके पाकिस्तान एक बार फिर शांति का दिखावा किया है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय प्रवक्ता शफकत अली खान ने गुरुवार को कहा कि पाकिस्तान मानता है कि कूटनीति क्षेत्र में स्थिरता और शांति का रास्ता प्रदान करती है। उन्होंने यह बात अपनी साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही।
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उन्होंने कहा, हम हमेशा इस बात पर जोर देते रहे हैं कि शांति और स्थिरता के लिए कूटनीति सबसे बेहतर रास्ता है। जब उनसे हाल ही में भारत के साथ हुए संघर्ष पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने इस दौरान संतुलित और जिम्मेदार रवैया अपनाया और अपने आपको बचाया।
शफकत अली खान ने कहा कि संवाद, कूटनीति और शांति के लिए पाकिस्तान ने एक संघर्ष विराम का समर्थन किया, जिसका मध्यस्थ और मददगार अमेरिका था। गुरु अर्जुन देव की शहादत की बरसी के अवसर पर, उन्होंने कहा कि नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग में कोई वीजा आवेदन नहीं दिया गया।
दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकी हमला हुआ। इस हमले में 26 लोगों की बर्बर तरीके से हत्या कर दी गई। उनकी हत्या करने से पहले उनकी धार्मिक पहचान की गई। इन मृतकों में अधिकांश पर्यटक शामिल थे। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ पांच रणनीतिक फैसले लिए थे। जिनमें सिंधु जल संधि को निलंबित करना और नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के कर्मचारियों की संख्या घटाना भी शामिल था। इसके बाद जवाब में पाकिस्तान ने अपना हवाई क्षेत्र भारतीय उड़ानों के लिए बंद कर दिया था।
इसके बाद भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। इसमें 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए। यही नहीं, पाकिस्तानी सेना के नौ एयरबेस भी ध्वस्त हो गए। हालांकि, बाद में पाकिस्तान सरकार का एक डोजियर लीक भी लीक हुआ, जिसमें यह खुलासा हुआ कि भारतीय सशस्त्र बलों ने इससे भी ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया था। यह सैन्य कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में की गई थी।