अफगानिस्तान में तालिबान कैदियों की रिहाई पर असहमति को दूर करने के कोशिशों के साथ कोरोनावायरस पर संपर्क सीमित करने को लेकर अफगान अधिकारियों, और तालिबान नेताओं के बीच स्काइप पर बातचीत हुई। कोरोनावायरस पर चिंताओं को संतुलित करने के लिहाज से हुई इस वीडियो कांफ्रेंसिंग में शांति वार्ता के टूटने का खतरा ज्यादा दिखाई दिया।
यद्यपि यह बैठक आधिकारिक नहीं थी और न ही अफगानिस्तान सरकार व तालिबान के बीच सीधी बातचीत की शुरुआत थी। लेकिन इसमें तालिबान कैदियों के बदले सुरक्षा बलों को छोड़ने को लेकर सहमति न बन पाना इस बात के संकेत हैं कि कतर की राजधानी दोहा में हुआ अमेरिका तालिबान शांति समझौता खटाई में पड़ सकता है। बता दें कि 5,000 तालिबान कैदियों को 1,000 अगवा अफगानिस्तान के सरकारी कर्मचारियों की रिहाई पर यह समझौता हुआ था। इसके तहत 10 मार्च को अफगान वार्ता की शुरुआत से पहले कैदियों को रिहा किया जाना था। लेकिन राष्ट्रपति अशरफ गनी की सरकार ने शांति समझौते में इस अदला-बदली की शर्त पर असहमति जताई थी। जबकि देश में गनी और उनके प्रतिद्वंद्वी अब्दुल्ला अब्दुल्ला के बीच चुनावी जीत का विवाद भी लगातार बढ़ रहा है।