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दुबई के अस्पताल में भर्ती मुशर्रफ का वीडियो रिलीज, देशद्रोह के आरोप को बताया निराधार

Fri, 06 Dec 2019 04:53 AM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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परवेज मुशर्रफ (फाइल फोटो)
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दुबई अमेरिकी अस्पताल में इलाज करा रहे पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने अपने खिलाफ देशद्रोह के मामले को पूरी तरह से निराधार बताया है। देशद्रोह और संविधान के उल्लंघन जैसे आरोपों का सामना कर रहे मुशर्रफ ने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि उनके साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने वीडियो संदेश में अपने केस की सुनवाई और दुबई आकर उनका बयान दर्ज करने की अपील की।

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देशद्रोह के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पूर्व सैन्य तानाशाह ने कहा कि उन्होंने हमेशा अपने देश की सेवा की है। मुशर्रफ ने कहा, ‘मुझ पर गद्दारी के जो भी आरोप लगाए गए हैं, वे मेरी समझ में पूरी तरह से गलत हैं। मैंने 10 साल तक अपने देश की सेवा की। मैंने जंग लड़ी हैं। मेरे ख्याल से मुझ पर मुल्क से गद्दारी का कोई केस नहीं बनता है।’

मुशर्रफ ने अस्पताल से बयान जारी करते हुए कहा, ‘मैं अस्पताल आता रहता हूं, पहले भी कई बार चेकअप के लिए आया हूं। आप खुद देखें कि मेरी क्या हालत है। मुझे ब्लैक आउट (बेहोश हो जाना) हुआ जिसके बाद मुझे यहां भर्ती कराया गया। मेरी हालत ठीक नहीं है और मैं चाहता हूं कि मेरा बयान दर्ज हो और मामले की सुनवाई दोबारा हो। दुबई आकर मेरा बयान लिया जाए।’

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मुशर्रफ के खिलाफ देशद्रोह मामले में 17 दिसंबर को फैसला

मुशर्रफ के खिलाफ देशद्रोह के मामले में इस्लामाबाद स्थित एक विशेष अदालत 17 दिसंबर को फैसला सुनाएगी। ‘जियो न्यूज’ के मुताबिक, पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ मामले की सुनवाई कर रहे पेशावर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश वकार अहमद सेठ के नेतृत्व वाली विशेष अदालत की तीन सदस्यीय पीठ ने बयान जारी किया। नई अभियोजन टीम के वकील ने अदालत को सूचित किया कि उन्हें मामले की तैयारी के लिए और समय की जरूरत है। ‘डॉन न्यूज’ के मुताबिक, न्यायमूर्ति शाह ने कार्यवाही 17 दिसंबर तक स्थगित करते हुए कहा कि वे अगली सुनवाई पर दलीलें सुनेंगे और फैसला सुनाएंगे।
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पाक अदालत ने जरदारी की स्वास्थ्य जांच के दिए आदेश

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के स्वास्थ्य की स्थिति की जांच करने के लिए यहां की एक अदालत ने मेडिकल बोर्ड का गठन किया है। बोर्ड से बुधवार तक रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। बृहस्पतिवार को मीडिया रिपोर्ट्स में इसकी जानकारी दी गई। जून में गिरफ्तार किए गए 64 वर्षीय जरदारी ने भ्रष्टाचार के दो मामलों में चिकित्सा आधार पर जमानत मांगने के लिए मंगलवार को अदालत का दरवाजा खटखटाया। 

इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (आईएचसी) ने बुधवार को मेडिकल बोर्ड का गठन किया। इसमें पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के डॉक्टर और जरदारी के निजी चिकित्सक शामिल थे। आईएचसी की डिवीजन बेंच में  मुख्य न्यायाधीश अतहर मिनल्लाह और जस्टिस आमेर फारूक ने चिकित्सा पर जरदारी के लिए जमानत की मांग वाली याचिका पर सुनवाई की।
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