शपथ ग्रहण के बाद एक बार फिर से डोनाल्ड ट्रंप ने पनामा नहर पर कब्जे की बात दोहराई। हालांकि पनामा की तरफ से इसे लेकर कड़ी आपत्ति जताई गई है। पनामा के राष्ट्रपति ने अपने ताजा बयान में कहा है कि नहर पर पनामा का कब्जा है और आगे भी रहेगा। पनामा के राष्ट्रपति जोस राउल मुलिनो ने कहा कि किसी भी देश को पनामा के मामलों में दखल नहीं देना चाहिए।
पनामा के राष्ट्रपति ने जारी किया आधिकारिक बयान
पनामा के राष्ट्रपति मुलिनो ने बयान में कहा कि 'ट्रंप के पनामा और पनामा नहर को लेकर दिए गए बयान को ध्यान में रखते हुए हम कहना चाहते हैं कि नहर पर पनामा का नियंत्रण है और आगे भी रहेगा। इसकी तटस्थता का सम्मान किया जाना चाहिए और किसी भी देश को हमारे मामलों में दखल नहीं देना चाहिए।' मुलिनो ने कहा कि 'नहर कोई उपहार नहीं थी बल्कि यह कई पीढ़ियों के संघर्ष का नतीजा था, जो साल 1999 में संधि के रूप में फलित हुआ। उसके बाद से 25 साल से बिना किसी व्यवधान के हम नहर का प्रशासन कर रहे हैं। पनामा नहर के जरिए अमेरिका समेत पूरी दुनिया में व्यापार का विस्तार हुआ है।' पनामा के राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें जो अधिकार दिया गया है, उसका वे पूरी समझदारी से इस्तेमाल करेंगे और सभी मित्र देशों के साथ अपने रिश्तों को मजबूत करेंगे। हमारे अधिकारों, संप्रभुता और संपत्ति के अधिकार को कमजोर किए बिना, बातचीत के जरिए विवादों को दूर किया जा सकता है।
ट्रंप ने कही थी कब्जा करने की बात
गौरतलब है कि अमेरिका के समुद्री व्यापार का बड़ा हिस्सा पनामा नहर के जरिए होता है। डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद से ही पनामा नहर पर कब्जे की बात कर रहे हैं। ट्रंप ने आरोप लगाया कि चीन, पर्दे के पीछे से पनामा नहर का संचालन कर रहा है। ट्रंप ने सोमवार को शपथ ग्रहण समारोह के बाद अपने संबोधन में भी ये बात दोहराई। उन्होंने कहा कि 'पनामा नहर हमने पनामा को उपहार में दी थी, लेकिन अब इसका संचालन चीन कर रहा है। हमने इसे चीन को नहीं दिया था और अब हम इसे वापस लेंगे।'
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