इमरान खान पाकिस्तान की सत्ता में वापसी की पुरजोर कोशिशें कर रहे हैं। वे पूरे मुल्क का भ्रमण कर जगह-जगह जनसभाएं भी कर रहे हैं और नए तरीके से चुनाव कराने के लिए शरीफ सरकार पर लगातार दबाव भी बना रहे हैं। इस बीच पाकिस्तान में नए आर्मी चीफ की नियुक्ति से इमरान खान घबरा गए हैं। अब तक वर्तमान सेनाध्यक्ष जनरल बाजवा के खिलाफ जहर उगलने वाले इमरान अब उन पर लट्टू दिखाई पड़ रहे हैं।
जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान ने जनरल कमर जावेद बाजवा का कार्यकाल चुनाव तक बढ़ाए जाने का सुझाव सरकार को दिया है। एक निजी टीवी चैनल के साथ साक्षात्कार में इमरान ने कहा कि अगले सेना प्रमुख की नियुक्ति को तब तक के लिए टाल दिया जाना चाहिए जब तक कि नई सरकार का चुनाव नहीं हो जाता। उन्होंने कहा है कि नए सेना प्रमुख का चयन नई सरकार द्वारा किया जाना चाहिए। उन्होने आगे कहा, सेना प्रमुख की नियुक्ति योग्यता के आधार पर होनी चाहिए। न तो आसिफ अली जरदारी और न ही नवाज शरीफ योग्यता के आधार पर यह फैसला लेने के योग्य हैं।
इमरान की अंतरिम जमानत 20 सितंबर तक बढ़ी
इस बीच इमरान खान के लिए राहत भरी खबर आई। वे सोमवार को यहां एक आतंकवाद रोधी अदालत में पेश हुए। कोर्ट ने पुलिस, न्यायपालिका और अन्य सरकारी संस्थानों को धमकी देने के आरोप में उनके खिलाफ दर्ज आतंकवाद के मामले में उन्हें मिली अंतरिम जमानत 20 सितंबर तक बढ़ा दी
जानें पूरा मामला
मामला 20 अगस्त का है। इमरान खान इस्लामाबाद के एफ-9 पार्क में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के एक महिला जज, कई अफसरों और सरकार के खिलाफ आपत्तिजनक बातें की। इसे सरकार ने भड़काऊ भाषण माना है। आरोप है कि इसके जरिए इमरान खान देश की जनता को सरकार, कोर्ट और सेना के खिलाफ भड़काना चाहते थे। देश में गृह युद्ध कराना चाहते थे। इसके बाद सरकार ने इमरान खान के खिलाफ आतंकवाद का मामला दर्ज किया था।