संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) के 43वें सत्र में मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर लगातार पाकिस्तान की विश्व बिरादरी में किरकिरी हो रही है। यहां बलोचों और पीओके व गिलगित-बाल्टिस्तान को लेकर हुए पाक विरोधी आंदोलन और संबोधन के बाद अब पाकिस्तानी सिंधी हिंदू समुदाय ने देश में मानवाधिकार उल्लंघन के लिए पाक को जिम्मेदार ठहराने का आग्रह किया है।
जिनेवा के एनएचआरसी के सत्र में बोलते हुए विश्व सिंधी कांग्रेस के महासचिव लखू लुहाना ने कहा कि पाकिस्तानी एजेंसियां सिंधी हिंदू समुदाय के संघर्ष की आवाज को दबाने के लिए हर संभव कार्रवाई कर रही हैं। वे न सिर्फ सिंधी लोगों को गायब कर रही हैं बल्कि बेवजह उन्हें अपराधों में घसीटकर उन्हें सजा दिला रही हैं। ऐसा सिर्फ इसलिए किया जा रहा है ताकि पाकिस्तान में सिंधी समुदाय के राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक अधिकार छीने जा सकें।
उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्ष में सिंधी हिंदू समुदाय के प्रसिद्ध राजनीतिक नेताओं, कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों समेत 300 से ज्यादा लोगों का अपहरण किया गया है। पिछले तीन दिनों में ही चार और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को अगवा कर लिया गया है। लुहाना ने सिंधियों के मानवाधिकारों की रक्षा करने के लिए संयुक्त राष्ट्र से पाक को जिम्मेदार ठहराने का आग्रह किया। एजेंसी
हिंदू पूजा स्थलों पर हमले व धर्मांतरण का मामला उठाया
विश्व सिंधी कांग्रेस के महासचिव ने कहा, पाक में सिंधी हिंदुओं का उत्पीड़न लगातार जारी है जिनमें सैकड़ों सिंधी हिंदू लड़कियों का जबरन धर्मांतरण व शादी शामिल हैै। इनमें अधिकांश नाबालिग हैं। यही नहीं, हिंदुओं के पूजा स्थलों पर हमले और संपत्ति पर कब्जे तथा झूठे ईशनिंदा के मामले भी थोपे जा रहे हैं। उन्होंने हाल ही में महक कुमारी का मसला भी उठाया जिसका धर्मांतरण कर मुस्लिम से शादी करा दी गई।