पाकिस्तान में आम चुनावों को लेकर अभी तक कोई फैसला नहीं हो पाया है। पाकिस्तान की विपक्षी पार्टी और पीएमएल-एन के नेतृत्व वाला सत्तारूढ़ गठबंधन ने शुक्रवार को एक बैठक की थी, रिपोर्ट के मुताबिक इस बैठक में भी आम चुनावों को लेकर कोई सहमति नहीं बनी है। वहीं दोनों पक्ष फिर से मंगलवार को मिलेंगे।
दूसरे दौर की वार्ता में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की तरफ से विशेष रूप से पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा में जल्दी चुनाव कराने की मांग की गई थी। जहां जनवरी में विधानसभाएं भंग कर दी गई थीं और सरकार का कहना है कि देश भर में अक्तूबर में एक ही दिन चुनाव होने चाहिए।
सरकारी पक्ष से पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के इशाक डार, ख्वाजा साद रफीक, आजम नजीर तरार और सरदार अयाज सादिक शामिल थे। वे पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के युसूफ रजा गिलानी और सैयद नवीद कमर के साथ-साथ गठबंधन सरकार में अन्य दलों के साथ शामिल हुए।
वहीं पीटीआई जो कि पाकिस्तान का मुख्य विपक्षी दल है उसकी तरफ से उपाध्यक्ष शाह महमूद कुरैशी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष फवाद चौधरी और सीनेटर अली जफर मीटिंग में शामिल हुए। वहीं वार्ता संसद भवन में हुई थी। पहला दौर गुरुवार को आयोजित किया गया था जो दो घंटे तक चला और प्रतिद्वंद्वियों ने अपने पार्टी प्रमुखों से परामर्श करने के बाद फिर से मिलने का फैसला किया।
दूसरे दौर के अंत में, इशाक डार ने कहा कि प्रत्येक पक्ष ने दो प्रस्ताव रखे थे, जिन्हें संबंधित नेतृत्व को प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज कुछ प्रगति हुई है, उन्होंने कहा कि वार्ता का अंतिम दौर मंगलवार को पूर्वाह्न 11 बजे फिर से शुरू होगा। चुनाव के मुद्दे ने पाकिस्तान की राजनीति को हिला कर रख दिया है क्योंकि अपदस्थ प्रधानमंत्री इमरान खान ने पिछले साल अप्रैल में अविश्वास प्रस्ताव हारने पर मध्यावधि चुनाव की मांग की थी।
इमरान खान ने दो प्रांतों में अपनी पार्टी की सरकारों का उपयोग करके जनवरी में पंजाब और खैबर-पख्तूनख्वा में विधानसभाओं को भंग कर दिया। वह कानून के अनुसार दबाव बनाना चाहते थे, विधानसभा भंग होने के 90 दिनों के भीतर चुनाव होने चाहिए।