मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 74 वर्षीय सैफुल्ला को अलकायदा के साथ संबंधों के संदेह में 2003 में बैंकॉक से हिरासत में लिया गया था। वह करीब बीस साल से ग्वांतानामो बे जेल में बंद था।
दुनिया की सबसे महंगी और खतरनाक ग्वांतानामो बे जेल से पाकिस्तान का आखिरी कैदी सैफुल्ला पराचा वापस लौट आया है। वह करीब 20 साल से इस जेल में बंद था। इस जेल से रिहा होने के बाद शनिवार को वह अपने मुल्क वापस लौटा।
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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 74 वर्षीय सैफुल्ला को अलकायदा के साथ संबंधों के संदेह में 2003 में बैंकॉक से हिरासत में लिया गया था। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि सैफुल्ला जिसे ग्वांतानामो बे में कैद किया गया था, उसे रिहा कर दिया गया है और शनिवार को वह पाकिस्तान पहुंच गया है।
सैफुल्ला को सुनाई गई थी 30 साल की सजा
बता दें, बीते महीने पाकिस्तान में संसद की स्थायी समिति के सामने सैफुल्ला का बेटा पेश हुआ था। उसने बताया था कि उनका परिवार जन्म से पाकिस्तानी है। उसने बताया कि उसके पिता और भाई को 2003 में थाईलैंड और न्यूयॉर्क से गिरफ्तार किया गया था। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि सैफुल्ला को 30 साल कैद की सजा सुनाई गई थी।
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2001 में शुरू हुई थी जेल
ग्वांतानामो खाड़ी के तट पर स्थित ग्वांतानामो बे जेल को साल 2001 में अमेरिका में 11 सितंबर को आतंकवादी हमले के बाद शुरू किया गया था। हालांकि, दुनिया की सबसे खतरनाक और मंहगी जेल ग्वांतानामो बे के एक यूनिट को अप्रैल 2021 में बंद कर दिया गया। ग्वांतानामो बे जेल के कैंप-7 में 14 कैदियों को रखा गया था। कई लोग ग्वांतानामो जेल को धरती का नर्क भी कहते हैं।
एक कैदी पर खर्च होते हैं 93 करोड़
ग्वांतानामो बे जेल में एक कैदी के ऊपर करीब 93 करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं, जिसकी वजह से इस जेल को खतरनाक होने के साथ सबसे महंगी जेल भी कहा जाता है। इस जेल में दुनिया के खूंखार आतंकियों को रखा जाता है। कुछ दिनों पहले ही इस जेल में बंद सऊदी अरब के एक कैदी को रिहा किया गया था। अहमद अल-कहतानी पर 9/11 के अपहर्ताओं में शामिल होने का आरोप था। इस सैन्य जेल को दुनिया की सबसे विवादित जेल माना जाता है। कई बार इसे बंद करने की भी मांग उठ चुकी है।