बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना का आतंक जारी है, जिसका शिकार आम लोग बन रहे है। इसी बीच मानवाधिकार संगठनों ने बताया कि पाकिस्तानी सेना ने शिकार पजीर बलूच और करीम जान समेत चार लोगों को बिना कानूनी प्रक्रिया के मार डाला।
बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना और बलूच लड़ाके के बीच लगातार हिंसक तनाव बढ़ रहा है। हाल ही में पाकिस्तानी सेना ने इलाके में टैंक तैनात कर दिए हैं। वहीं, आम लोगों के खिलाफ हिंसा भी लगातार बढ़ रही है। बड़े मानवाधिकार संगठनों ने बताया कि प्रांत में पाकिस्तानी सेना ने बिना कानूनी प्रक्रिया के चार लोगों की हत्या की है।
बलूच नेशनल मूवमेंट के मानवाधिकार विभाग पांक ने बताया कि 32 साल के पजीर बलूच का शव 7 फरवरी को मिला। उसे 25 नवंबर, 2025 को पंजगुर जिले के वाशबुड इलाके से पाकिस्तान समर्थित डेथ स्क्वाड ने अगवा किया था। मानवाधिकार संगठन बलूच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) ने कहा कि पजीर के शरीर पर टॉर्चर के निशान अमानवीय क्रूरता दिखाते हैं।
करीम जान की हत्या
20 साल के मजदूर मलंग बलूच को 29 जनवरी को वाशबुड इलाके से गायब किया गया और पाकिस्तान समर्थित हथियारबंद समूह ने मार डाला।
44 साल के किसान मुहम्मद अनवर बलूच को 4 जून, 2025 को सीटीडी ने हिरासत में लिया था। महीनों बाद 4 जनवरी को उनका शव मिला।
बीवाईसी ने कहा कि आज बलूचिस्तान में कोई भी सुरक्षित नहीं है, न मजदूर, न किसान, यहां तक कि मस्जिद में नमाज पढ़ने वाले भी। पाकिस्तानी सरकार ने इलाके को मिलिट्री जोन बना दिया है, जहां कानून की जगह दमन चलता है।
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मानवाधिकार की चिंता