Pakistan Unrest: बलूचिस्तान में बलूच लिबरेशन आर्मी के भीषण हमलों में 50 लोगों की मौत हो गई। जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी सेना ने 40 घंटों में 145 विद्रोहियों को मार गिराया। जानकारी के मुताबिक, विद्रोहियों ने बाजारों और स्कूलों को निशाना बनाया था।
बलूचिस्तान में विद्रोहियों ने एक साथ कई जगहों पर बड़े हमले किए। इन हमलों में करीब 50 लोगों की जान चली गई। मरने वालों में 17 सुरक्षाकर्मी और 31 आम नागरिक शामिल हैं। प्रांत के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने बताया कि सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई में 40 घंटों के भीतर 145 विद्रोहियों को ढेर कर दिया।
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क्या बोले ख्वाजा आसिफ?
विद्रोहियों ने प्रांतीय राजधानी क्वेटा, ग्वादर, मस्तंग और नोशकी जिलों में एक साथ हमले किए। हमलावर आम लोगों के वेशभूषा में आए थे। उन्होंने अस्पतालों, स्कूलों, बैंकों और बाजारों में घुसकर अंधाधुंध गोलियां चलाईं। विद्रोहियों ने आम लोगों को ढाल की तरह इस्तेमाल किया। रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बताया कि दो हमलों में महिला हमलावर भी शामिल थीं। जानकारी के अनुसार, विद्रोही अब मजदूरों और गरीब तबके के लोगों को निशाना बना रहे हैं।
बीएलए ने ली हमलों की जिम्मेदारी
बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने इस अभियान को 'हेरोफ' या 'काला तूफान' नाम दिया। विद्रोहियों ने सुरक्षा ठिकानों पर आत्मघाती हमले की कोशिश की और सड़कें जाम कर दीं। सेना ने कहा कि विद्रोहियों ने शहरों और खास ठिकानों पर कब्जा करने की कोशिश की थी। सुरक्षा बलों ने उनकी इस कोशिश को नाकाम कर दिया। बीएलए ने दावा किया कि उन्होंने 84 सुरक्षाकर्मियों को मारा गिराया और 18 अन्य को बंदी बना लिया। लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
क्या बोली पाकिस्तानी सेना?
पाकिस्तान की सेना ने इन हमलों के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया। भारत ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान अपनी अंदरूनी समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए ऐसे झूठे आरोप लगा रहा है। भारत ने कहा कि पाकिस्तान को अपने लोगों की मांगों पर ध्यान देना चाहिए। अमेरिका ने भी इन हमलों की निंदा की है।
बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा और गरीब इलाका है। यहां के विद्रोही गुट लंबे समय से आजादी और संसाधनों पर हक की मांग कर रहे हैं। इसी वजह से वे अक्सर सुरक्षा बलों और बाहरी मजदूरों को निशाना बनाते हैं। सुरक्षा कारणों से पूरे बलूचिस्तान में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं 24 घंटे से ज्यादा समय से बंद हैं। सड़कों पर यातायात ठप है और ट्रेन सेवाओं को भी रोक दिया गया है।