इस्राइल ने संघर्षविराम समझौते के तहत राफाह क्रॉसिंग बॉर्डर को आंशिक रूप से खोल दिया है। बता दें कि, मई 2025 के बाद यह पहला मौका है जब राफाह क्रॉसिंग को आंशिक रूप से खोला गया है। वहीं दूसरी तरफ गाजा में इस्राइली ड्रोन हमले में दो लोगों के मारे जाने की खबर है।
इस्राइल ने रविवार को गाजा और मिस्र के बीच स्थित राफाह बॉर्डर क्रॉसिंग को आंशिक रूप से फिर से खोलने का एलान किया है। यह क्रॉसिंग फिलहाल ट्रायल आधार पर खोली गई है और सिर्फ सीमित संख्या में गाजा के लोगों की आवाजाही की अनुमति दी जा रही है। मई पिछले साल के बाद यह पहला मौका है जब राफाह क्रॉसिंग को आंशिक रूप से खोला गया है।
'संघर्षविराम समझौते के तहत लिया गया फैसला'
इस्राइल की सैन्य एजेंसी सीओजीएटी के अनुसार, यह फैसला संघर्षविराम समझौते के तहत लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार से कुछ लोग इस रास्ते से आना-जाना शुरू कर सकते हैं। इसके लिए एक नई जांच (स्क्रीनिंग) सुविधा भी तैयार की गई है, जहां से गुजरने वाले लोगों की जांच होगी।
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'गाजा छोड़ने वाले फलस्तीनी लौटना चाहते हैं'
गाजा के सरकारी मीडिया कार्यालय ने कहा कि युद्ध के दौरान विस्थापित हुए हजारों फलस्तीनी इस फैसले का इंतजार कर रहे थे। मीडिया कार्यालय के प्रमुख इस्माइल अल-थवाब्ता के मुताबिक, करीब 80,000 फलस्तीनी ऐसे हैं जो युद्ध के समय गाजा छोड़ गए थे और अब वापस लौटना चाहते हैं।
गाजा में MSF के काम पर इस्राइल ने लगाई रोक
इस बीच, इस्राइल ने डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (एमएसएफ) को गाजा में काम करने से रोकने का फैसला भी किया है। इस्राइल का कहना है कि एमएसएफ ने अपने फलस्तीनी कर्मचारियों की पूरी जानकारी नहीं दी। यह नियम सभी मानवीय संगठनों पर लागू किया गया है। इस फैसले की संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों ने आलोचना की है।
दो इलाकों में ड्रोन हमले, दो की मौत
वहीं दूसरी ओर, गाजा में सैन्य कार्रवाई जारी है। रविवार को राफाह शहर के उत्तर-पश्चिम इलाके में ड्रोन हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई। इसके अलावा मध्य गाजा के वाड़ी गाजा इलाके में भी एक ड्रोन हमले में एक फलस्तीनी मारा गया। रिपोर्ट के मुताबिक, अक्तूबर 10 से लागू सीजफायर के बावजूद अब तक 500 से ज्यादा फलस्तीनी मारे जा चुके हैं।