पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार ने कहा है कि अगर मुंबई हमलों के प्रमुख अभियुक्त हाफिज सईद के खिलाफ सबूत हों तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार खार ने पाकिस्तान के एक टीवी चैनल से बात करते हुए कहा कि हाफिज सईद कस्टडी में थे और उनके खिलाफ जो सबूत थे वो अदालत में ठहरे नहीं। हम तो अभी भी कह रहे हैं कि अगर कोई ऐसा सबूत है जो अदालत में ठहर सकता हो तो हम कार्रवाई करेंगे।
सईद पूर्व में लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख रह चुके हैं और इस समय वो जमात-उद-दावा के प्रमुख हैं। यह पूछे जाने पर अगर भारत ने सईद खिलाफ सबूत दिए तो, खर का कहना था कि बिल्कुल, हम कार्रवाई करेंगे। वो पहले भी हिरासत में थे। उनके ख़िलाफ़ सबूत पर्याप्त नहीं थे तो उन्हें इसी कारण हिरासत से छोड़ना पड़ा था।
हाफ़िज सईद को लाहौर हाई कोर्ट के आदेश पर हिरासत से रिहा किया गया था। अमेरिका ने सईद पर दस लाख डॉलर का ईनाम रखा है लेकिन सईद लाहौर में आराम से रहते हैं और वो पिछले कुछ समय में भारत और अमेरिका के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन आयोजित करते रहे हैं।
इंटरव्यू के दौरान हिना रब्बानी ने कहा कि मुंबई हमलों के बाद भारत के साथ संबंध बहुत ही ख़राब हो गए थे। उन्होंने माना कि भारत और पाकिस्तान कठिन दौर से गुज़रे हैं। उनका कहना था कि पाकिस्तान की सरकार ने रिश्तों को सुधारने की दिशा में बहुत काम किया है। हमने विश्वास बढ़ाया है। हमने एक नीतिगत फैसला लिया है जो पिछले 40 साल में कोई नहीं ले पाया कि व्यापार के रिश्तों को सामान्य किया जाए।
उनका कहना था कि व्यापार संबंध सामान्य होना विश्वास बढ़ाने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि भारत और पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अस्थायी सदस्यता के लिए एक दूसरे की मदद की है। उनका कहना था कि अगर भारत और पाकिस्तान एक दूसरे पर थोड़ा सा भरोसा करना शुरु करें तो एक शुरुआत हो सकती है क्योंकि दोनों के बीच पूरा यकीन होने में समय लगेगा।
दोनों पक्षों को कम जटिल मुद्दों पर बातचीत करनी चाहिए कश्मीर पर बातचीत से पहले। उन्होंने सवालिया लहजे़ में कहा कि हम सैन्य ताकत से 60 साल में कश्मीर का मुद्दा नहीं सुलझा पाए। क्या हम शांति को एक मौका नहीं दे सकते और क्या हम ऐसी परिस्थितियां, ऐसा माहौल और ऐसे मौके नहीं बना सकते कि हम अपने बीच के सारे मुद्दे वार्ता की मेज़ पर आकर सुलझाएं।
भारतीय प्रधानमंत्री को पाकिस्तान बुलाए जाने के बारे में हिना रब्बानी ने कहा कि भारतीय पक्ष लगातार कहता रहा है कि मनमोहन सिंह भारत आना चाहते हैं निजी यात्रा पर। उनका कहना था कि पाकिस्तान को बचाव की मुद्रा में नहीं होना चाहिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को आमंत्रित करने में।