पाकिस्तानी सेना के मौजूदा प्रमुख जनरल राहील शरीफ नवंबर में रिटायर हो रहे हैं। उनके उत्तराधिकार के लिए कुछ नामों की चर्चा है जो इस समय पाकिस्तानी सेना में लेफ्टिनेंट जनरल के पदों पर हैं।
हालांकि भारत के साथ हालिया तनाव की वजह से सेना प्रमुख को बदल पाना संभव होगा या नहीं यह भी चर्चा का मुद्दा है, लेकिन मौजूदा स्थिति में सरकार ने जाहिर तौर पर नए सेना प्रमुख की नियुक्ति पर विचार शुरू नहीं किया है।
वरिष्ठता की सूची के मुताबिक पहला नाम लेफ्टिनेंट जनरल ज़ुबैर महमूद हयात का है जो फिलहाल सैन्य मुख्यालय में चीफ ऑफ जनरल स्टाफ के पद पर हैं।
यह सेना में बहुत भरोसे का पद माना जाता है लेकिन इससे पहले वो सामरिक योजनाओं वाले डिवीजन महानिदेशक भी रह चुके हैं। इस पद की मुख्य जिम्मेदारी देश के परमाणु हथियारों की सुरक्षा करना है।
इसके बाद दूसरा नाम लेफ्टिनेंट जनरल अशफाक नदीम अहमद का है जो मुल्तान के कोर कमांडर हैं और इससे पहले चीफ ऑफ जनरल स्टाफ रह चुके हैं। उन्होंने स्वात और उत्तरी वज़ीरिस्तान में चरमपंथियों के ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई की है।
लेफ्टिनेंट जनरल अशफाक नदीम अहमद के बारे में कहा जाता है कि सेना प्रमुख बनने की सारी क्षमता उनके पास है। लेफ्टिनेंट जनरल जावेद इकबाल रम्दे फिलहाल बहावलपुर के कोर कमांडर हैं, लेकिन इससे पहले स्वात ऑपरेशन के दौरान जीओसी रह चुके हैं।
वो दो बार विदेशों में भी महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारियां निभा चुके हैं, जिसमें वाशिंगटन में बतौर सैन्य अटैची और अमरीका में तैनाती शामिल है।
यही वजह है कि अमेरिका में कुछ सिनेटर ऐसे भी हैं जिनके साथ लेफ्टिनेंट जनरल जावेद इकबाल रम्दे ने काम किया है। इसलिए कुछ विश्लेषकों का कहना है कि सेना प्रमुख बनने में उनके पक्ष और उनके खिलाफ भी यह बात जा सकती है।