पाकिस्तानी सेना पर आरोप लगते रहे हैं कि देश की लोकतांत्रिक सरकार के मुकाबले वो कहीं ज्यादा ताकतवर है और लोकतांत्रिक तौर पर चुनी गई सरकारों पर पाक की सेना हावी रहती है। कुछ ऐसा ही देखने को मिला कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में। यहां शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सम्मेलन में एक तरफ भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोल रहे थे, तो दूसरी तरफ उसी समय पाक सेना का एक बड़ा अधिकारी पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ निर्देश दे रहा था।
तमाम खबरिया वेबसाइट्स पर इस बाबत खबरें चल रही हैं कि नवाज को सेना से निर्देश मिल रहे थे। दरअसल, जिस समय नवाज सम्मेलन में मौजूद थे, उसी समय उनके खिलाफ पाकिस्तान में बड़ा अभियान चल रहा था। ट्विटर पर लगातार TillNawazResigns हैशटैग के साथ लोग नवाज को सत्ता से हटाने का अभियान चला रहे थे।
इसके पीछे की वजह है नवाज शरीफ और उनके परिवार का नाम पनामा पेपर लीक कांड के साथ जुड़ा होना। नवाज शरीफ पर आरोप है कि उन्होंने देश की संपत्तियों पर गलत तरीके से कब्जा कर कालाधन बनाया है और इसी मामले में आज नवाज शरीफ के दोनों बेटों की ज्वॉइंट इनवेस्टिंग टीम पेशी थी। नवाज शरीफ के पास सैन्य अफसर द्वारा कुछ कहे जाने को इसी मामले से जोड़कर देखा जा रहा है। वैसे नवाज को लेकर ट्विटर पर जारी घमासान के कुछ ट्वीट्स आप यहां भी पढ़ सकते हैं...
#TillNawazResigns There is not a single iota of doubt that Mian Sahb has to pack his bags and go home. pic.twitter.com/s1WDEpd3a4
— Farhan K Virk (@FarhanKVirk) June 9, 2017
Nawaz Sharif is not only a security threat to nation but also a disgrace for nation.#TillNawazResigns
— Dr.Aliya Kareem 🇵🇰 (@DrAliya7) June 9, 2017
कुछ ट्वीट्स कुलभूषण जाधव मामले में पाकिस्तान की फजीहत से भी जुड़े रहे।
Nawaz Sharif must resign !!#DarbariThreateningSC pic.twitter.com/sXwBGjgRNy
— Sonia Khan (@SoniaKhan_PTI) June 9, 2017
गौरतलब है कि पनामा पेपर कांड में नाम आने के बाद से तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के मुखिया और पूर्व क्रिकेटर इमरान खान ने नवाज पर लगातार हमले जारी रखे हैं। इसमें वो काफी हद तक सफल भी हुए हैं।