फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शंभूलाल तुम्हारा तो मुमताज कादरी हमारा हीरो

Tue, 19 Dec 2017 03:26 PM IST
बीबीसी हिंदी
विज्ञापन
- फोटो : bbc
विज्ञापन
जी खुश हो गया यह सुनकर कि एक बंगाली मजदूर मोहम्मद अफराजुल को जिंदा जलाने वाले शंभूलाल की हिमायत में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की हिमायत से लगभग 300 प्रदर्शनकारियों ने डिस्ट्रिक्ट कोर्ट उदयपुर पर भगवा झंडा फहरा दिया। और दो दिन की झड़पों में 25 पुलिस कर्मचारियों समेत 40 लोग जख़्मी हुए और 75 के लगभग गिरफ़्तारियां हुईं।
विज्ञापन



इससे पहले 8 दिसंबर को उदयपुर के कुछ मुसलमानों ने मोहम्मद अफराजुल के हत्यारे को सजा-ए-मौत दिए जाने की मांग को लेकर एक जुलूस निकाला और भगवा आतंकवाद के खिलाफ अल्लाहो अकबर के नारे लगाए। पुलिस को एक हफ्ते के बाद ख्याल आया कि इनके खिलाफ भी एफआईआर कटनी चाहिए। चुनांचे 10 मुसलमानों को भी गिरफ़्तार कर लिया गया।

लव जिहाद का विरोध करना खतरनाक
मुसलमानों के अलावा किसी और समुदाय की तरफ से 'हत्यारे को फांसी दो' की मांग नहीं सुनाई दी। यह सब सुन और पढ़कर मुझे लगा कि जैसे सब कुछ मेरी अगली गली में हो रहा हो और अब से थोड़े हो रहा है। उड़ीसा में भी ईसाई बस्तियां जलाई गईं और अपने लाहौर और गोजरा में भी। बल्कि कल ही क्रिसमस से एक हफ़्ता पहले क्वेटा के चर्च में धमाका भी हो गया। बस 9 ईसाई ही तो मरे। जैसे शंभूलाल उदयपुर का हीरो है।
विज्ञापन


 वैसे ही गवर्नर सलमान तासीर को धर्म का अपमान करने पर मारने वाला मुमताज कादरी हमारा हीरो है। वहां लव जिहाद के आरोप पर किसी की जान जा सकती है। यहां लव जिहाद का विरोध करने पर जान जा सकती है। जैसे वहां गौरी लंकेश हिंदुत्व की तौहीन करने पर कत्ल हो सकती हैं। वैसे ही यहां तौहीन-ए-मजहब का आरोप लगने के बाद जान बचना मुश्किल है।
विज्ञापन

भारत भेजने की धमकी नहीं मिलती

- फोटो : AFP
जैसे वहां मुसलमान जुलूस नहीं निकाल सकता और जुलूस निकाले तो भगवा आतंकवाद का नारा नहीं लगा सकता। वैसे ही हमारे यहां अगर ईसाई जिहाद के नाम पर आतंकवाद के खिलाफ जुलूस निकालें तो उन पर आसमान टूट सकता है।

जैसे वहां कोई ब्लॉगर या फेसबुकिया या ट्विटरिया, आरएसएस या उससे जुड़ी किसी संस्था के खिलाफ कुछ लिख दे तो उसे गालियों के तूफान में डुबो दिया जाता है। वैसे ही हमारे यहां अगर कोई किसी स्टेट या नॉन स्टेट एक्टर के खिलाफ खुलकर कुछ लिख दे तो उसके गायब होने या न होने की कोई जमानत नहीं।

भारत भेजने की धमकी नहीं मिलती
आपके यहां मोदी के खिलाफ और हमारे यहां इमरान खान के खिलाफ कोई कुछ कह दे या लिख दे तो सोशल मीडिया की स्क्रीन खूनम खून हो जाती है। तो ऐ मेरे आरएसएस, भाजपा, वीएचपी, बजरंगी दोस्तों और यहां से वहां तक फैले राम भक्तो!

अब किसी को पाकिस्तान भेजने की धमकी मत देना। तुमने तो अपने यहां ही सारा इंतजाम हमसे बेहतर कर लिया है। क्या तुमने कभी सुना कि हमने किसी को भारत भेजने की धमकी दी हो? जरूरत ही नहीं। पर एक बात की गारंटी है कि अगले चुनाव में हमारे यहां कोई भी अतिवादी सरकार नहीं बना पाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें