फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'मोदी ने सुकून त्यागा, पर पाक अफ़सर सो रहे हैं'

Sun, 11 Sep 2016 01:02 PM IST
ए कुमार/बीबीसी
विज्ञापन
- फोटो : BBC
विज्ञापन
आसियान देशों के सम्मेलन में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान की पाकिस्तानी मीडिया में खासी चर्चा है। मोदी ने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर कहा कि अगर दहशतगर्दी को खत्म करना हो तो भारत के एक पड़ोसी देश को अलग-थलग करना होगा। ‘नवा-ए-वक्त’ ने मोदी के इस बयान को पाकिस्तान के खिलाफ जहर उगलना बताया है। अखबार लिखता है कि मोदी पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनाम करने का कोई मौका नहीं छोड़ते।
विज्ञापन


अखबार पाकिस्तान सरकार से कहता है कि वो दुनिया को बताए भारत प्रशासित कश्मीर में भारतीय सेना किस तरह से दहशतगर्दी को अंजाम दे रही है। अखबार लिखता है कि पाकिस्तान से दुश्मनी में मोदी ने अपना चैन-सुकून भी त्याग दिया है, और इधर पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के जिम्मेदार अधिकारी गहरी नींद में सो रहे हैं। अखबार के अनुसार, मोदी के प्रोपेगेंडा को काउंटर करने के लिए कोई कोशिश नहीं की गई।

‘एक्सप्रेस’ लिखता है कि इस महीने होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को पाकिस्तान में भारतीय हस्तक्षेप के सबूत पेश करने चाहिए। अखबार आरोप लगाता है कि इसके साथ-साथ भारत प्रशासित ‘कश्मीर में जारी भारत के जुल्मों को भी बेनकाब करना चाहिए।‘
विज्ञापन

अखबार ने भारत पर कराची और बलूचिस्तान में खुले तौर पर दखलंदाजी करने का आरोप लगाते हुए लिखा है कि संयुक्त राष्ट्र को पता होना चाहिए कि इस क्षेत्र में असल में दहशतगर्दी कौन फैला रहा है। ‘जंग’ लिखता है कि पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भारत को करारा जबाव दिया है।

भारत का नाम लिए बगैर हुकमरानों को आईना दिखाया

- फोटो : BBC
अखबार के मुताबिक विदेश मंत्रालय ने भारत का नाम लिए बगैर उसके हुकमरानों को आईना दिखाया है और कहा है कि पाकिस्तान को दक्षिण एशिया में अपने एक पड़ोसी देश की तरफ से दहशतगर्दी को प्रमोट किए जाने की वजह से बहुत नुकसान उठाना पड़ा है। अखबार का कहना है कि भारतीय हुकमरान अमरीका से अपने बढ़ते रिश्तों के बाद चीन पर दबाव बनाने की नीति पर चल रहे हैं और इसी के तहत पाकिस्तान पर भी आरोपों की झड़ी लगाई जा रही है।


‘औसाफ’ ने दशहतगर्दी से निपटने के सिलसिले में दिए गए पाकिस्तानी गृह मंत्री चौधरी निसार अली के बयान पर संपादकीय लिखा है। चौधरी निसार ने कहा था कि पाकिस्तानी सेना की तारीफ जरूरी करनी चाहिए, लेकिन पुलिस की कुर्बानियों को भी नहीं भूलना चाहिए।

अखबार लिखता है कि पाकिस्तान में एक दशक से दहशतगर्दी की यलगार ने देश को जबरदस्त जान-माल का नुकसान पहुंचाया है जबकि पाकिस्तानी सेना और कानून लागू करने वाली एजेंसियों ने दहशतगर्दी के खिलाफ बीस हजार से ज्यादा ऑपरेशन किए हैं।
विज्ञापन

दहशतगर्दी में 56 फीसदी की कमी आई

- फोटो : BBC
अखबार लिखता है कि इन्हीं अभियानों का नतीजा है कि दहशतगर्दी में 56 फीसदी की कमी आई है और उसकी तीव्रता कम हुई है। वहीं ‘दुनिया’ ने प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के बयान पर संपादकीय लिखा है। इसमें कहा गया है कि पाकिस्तान में विदेशी मुद्रा भंडार सबसे ऊंचे स्तर पर है और पैसा देश से जा नहीं रहा है बल्कि आ रहा है।

अखबार के मुताबिक शरीफ ने कराची स्टॉक एक्सचेंज में हुए एक कार्यक्रम में ये भी बताया कि पाकिस्तान को टैक्स से मिलने वाले राजस्व में भी 60 फीसदी का इजाफा हुआ है। अखबार लिखता है कि जब दूसरे देशों से भेजी जाने वाली रकम में कमी आई है तो फिर कैसे कहा जा सकता है कि पैसा पाकिस्तान आ रहा है?

अखबार को आशंका है कि कहीं ये भंडार विदेशी कर्जों और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से लिए गए आर्थिक पैकेज की वजह से तो नहीं बढ रहा है। और बाद में पता चले कि देश पर बहुत अधिक कर्ज हो गया है। अखबार के मुताबिक उम्मीद है कि सच इससे उलट होगा और पाकिस्तान हकीकत में तरक्की की मंजिल की तरफ बढेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें