पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टों की हत्या के दस साल बाद पहली बार किसी संगठन ने खुलकर इसकी जिम्मेदारी ली है। आतंकी संगठन पाकिस्तानी तालिबान ने एक किताब में दावा किया है कि साल 2007 में उनकी हत्या इसलिए की गई थी क्योंकि वह ‘मुजाहिदीन’ के खिलाफ अमेरिका से सहयोग की योजना बना रही थीं। अगर वह सत्ता में लौटती तो इसे अंजाम देतीं।
प्रतिबंधित आतंकी संगठन की इसी किताब में दावा किया गया है कि बैतुल्लाह को उनकी योजना की जानकारी मिल गई थी। जिसके तहत अमेरिकियों ने
बेनजीर भुट्टो की दोबारा सत्ता में वापसी की योजना बनाई थी क्योंकि उन्होंने उन्हें ‘मुजाहिदीद-ए-इस्लाम’ के खिलाफ एक योजना सौंपी थी।
बैतुल्लाह पाकिस्तानी तालिबान की संस्थापक था जिसे मार गिराया गया था। द डेली टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि तालिबान के उर्दू भाषी किताब ‘इंकलाब महसूद साउथ वजीरीस्तान फ्रॉम ब्रिटिश राज टू अमेरिकन इंपेरियलिज्म’ से पहले किसी भी आतंकी संगठन ने भुट्टो के मौत की जिम्मेदारी नहीं ली थी।
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) प्रमुख 54 वर्षीय भुट्टो की 27 दिसंबर, 2007 को रावलपिंडी में एक आत्मघाती हमले में हत्या कर दी गई थी। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीपीपी) सरगना अबू मंसूर असीम मुफ्ती नूर वली द्वारा लिखित इस किताब को 30 नवंबर, 2017 में प्रकाशित किया गया था।