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जब 'मछली बाजार' बनी पाकिस्तानी संसद, जमकर चले लात और घूंसे

Fri, 27 Jan 2017 11:21 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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नवाज शरीफ
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गुरुवार को एक तरफ जहां भारत अपना 68वां गणतंत्र दिवस मना रहा था तो वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान में वहां के सांसद एक-दूसरे से हाथा-पाई में व्यस्त थे। इससे एक बारगी तो पाकिस्तानी संसद में युद्ध जैसे हालात बन गए।
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पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक इस पूरे मामले की शुरूआत विपक्षी पार्टी के पांच सांसदों द्वारा स्पीकर से पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के खिलाफ  विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाने के अनुरोध से हुई। 



इसके बाद इमरान खान की पार्टी, तहरीक-ए-इंसाफ के सांसद शाह महमूद कुरैशी के भाषण के दौरान तहरीक-ए-इंसाफ के अन्य सांसदों ने पाकिस्तानी सरकार और नवाज शरीफ के खिलाफ जमकर 'चोर-चोर' के नारे लगाए। जिसके बाद नवाज शरीफ की पार्टी के सासंद शाहिद अब्बासी, कुरैशी के पास पहुंचे और नारे लगाने वाले सांसदों को चुप कराने को कहा।
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इमरान खान पर भी हुई आपत्तिजनक टिप्पणी

कुछ देर बाद भी जब नारे लगने बंद नहीं हुए तो शाहिद अब्बासी दोबारा कुरैशी के पास जाने को उठे लेकिन इस बार उन्हें तहरीक-ए-इंसाफ के सांसदों ने बीच में ही रोक लिया। तहरीक-ए-इंसाफ के सांसदों ने आरोप लगाया कि शाहिद अब्बासी ने उनके पार्टी अध्यक्ष इमरान खान को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की है।

इसके बाद सत्ता और विपक्ष का धैर्य टूट गया और दोनों पक्षों के सांसद एक दूसरे से धक्का-मुक्की करने लगे। काफी देर तक जब हाथा-पाई चलती रही तो स्पीकर ने पाकिस्तानी संसद को 15 मिनट के लिए स्थगित कर दिया। इसके बाद जब संसद की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो तहरीक-ए-इंसाफ समेत सभी विपक्षी पार्टियों ने संसद का बहिष्कार कर दिया।

बता दें कि पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट में नवाज शरीफ के खिलाफ पनामा पेपर लीक में नाम आने के बाद सुनवाई चल रही है। इसी के चलते विपक्षी पार्टियां पाकिस्तानी संसद में नवाज शरीफ के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाना चाहती थी। विपक्ष का आरोप है कि नवाज शरीफ ने पनामा पेपर के जरिए काफी भ्रष्टाचार किया है।
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