पाकिस्तान के अमेरिका के साथ असहज होते संबंधों के बीच इस्लामाबाद ने अपने रक्षा संबंधों को और मजबूती देने के लिए रूस के साथ एक समझौते पर दस्तखत किए हैं। इसी के तहत अब तक पहली बार रूस के सैन्य संस्थानों में पाकिस्तानी सैनिकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
पाक रक्षा मंत्रालय ने बताया कि मंगलवार को रूस-पाक संयुक्त सैन्य सलाहकार समिति (जेएमसीसी) की पहली बैठक खत्म होने के बाद इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
मंत्रालय के मुताबिक, दोनों देशों ने पाकिस्तानी सैनिकों के रूसी प्रशिक्षण संस्थानों में भर्ती को लेकर कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर किए हैं। रूस की तरफ से इसमें उप रक्षा मंत्री कर्नल जनरल अलेग्जेंडर वी. फॉमिन शामिल हुए थे जो 6-7 अगस्त के लिए पाक दौरे पर थे। जबकि पाक की तरफ से रक्षा सचिव लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) जमीर उल हसन शाह शामिल हुए।
दोनों देशों के बीच जेएमसीसी रक्षा सहयोग का सबसे बड़ा मंच है। बैठक से पहले रूसी प्रतिनिधिमंडल ने रावलपिंडी में पाक के कार्यकारी रक्षा मंत्री से भी मुलाकात की। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय और बड़े अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की जिनमें मध्य-पूर्व और अफगानिस्तान की स्थिति भी शामिल रही। रूस के फॉमिन ने पाक सेना प्रमुख जनरल बाजवा से भी मुलाकात की और क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की।
भारत के दोस्त से नजदीकी रिश्ते चाहता है पाक
हालांकि रूस को भारत के सदाबहार दोस्तों में माना जाता रहा है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में पाक ने भी रूस से रिश्ते बढ़ाना शुरू कर दिया है।
अमेरिका के साथ बिगड़ते रिश्तों के बीच पाक लगातार रूस के करीब जाने की कोशिश में जुटा हुआ है। भारत के लिए यह चिंता का विषय हो सकता है। हालांकि रूस के रिश्ते भारत के साथ भी बेहतर हैं, लेकिन इसके बावजूद उसने पिछले तीन वर्षों में पाक को चार एमआई-35 लड़ाकू विमान और कार्गो हेलीकॉप्टर दिए हैं। पाक और रूस की सेनाओं ने दोस्ती का हवाला देते हुए सैन्य अभ्यास भी किए हैं।