पाकिस्तान में अस्थिरता के माहौल से वित्तीय हालात पहले से ही खराब है और आम चुनाव के बाद उसे घोर वित्तीय संकट से गुजरना पड़ सकता है। ऐसे में 50 बिलियन डॉलर की लागत से चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के कई प्रोजेक्ट अधर में पड़ सकते हैं।
सीपीईसी चीन के महत्वाकांक्षी वन बेल्ड एंड रोड इनिसिएटिव (बीआरआई) का हिस्सा है। चीन का यह महत्वाकांक्षी परियोजना एक बार पूरी हो जाती है तो चीन का सबसे बड़ा प्रांत शिजिआंग पाकिस्तान के बलूचस्तिान में ग्वादर बंदरगाह से जुड़ जाएगा।
पाकिस्तान की एक अखबार की रिपोर्ट के अनुसार ठेकेदारों ने सीपीईसी के कई प्रोजेक्ट पर काम को रोक दिया है क्योंकि पिछले दो दिनों में उनके पांच बिलियन डॉलर से ज्यादा के चेक बाउंस हो गए हैं।
रिपोर्ट यह भी है कि पहली बार सीपीईसी प्रोजेक्ट को वित्तीय संकट से गुजरना पड़ रहा है। प्रोजेक्ट से जुड़ी कंपनियों भी आम चुनाव के बाद वित्तीय संकट गहराने का अंदेशा जता रही है।