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पूर्व पाक राष्ट्रपति का दावा, 'राजीव गांधी की हत्या न होती तो सुलझ सकता था कश्मीर मुद्दा'

Wed, 07 Feb 2018 02:03 AM IST
एजेंसी, लाहौर
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पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी
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पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने दावा किया है कि अगर भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या न की गई होती तो कश्मीर मुद्दा सुलझ चुका होता। उन्होंने कहा कि राजीव और पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो सौहार्दपूर्ण तरीके से कश्मीर मुद्दे को सुलझाने के लिए तैयार थे लेकिन चुनाव प्रचार के दौरान गांधी की हत्या कर दी गई।

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जरदारी ने इसका भी खुलासा किया है कि पूर्व तानाशाह जनरल (सेवानिवृत्त) परवेज मुशर्रफ ने कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए एक योजना तैयार की थी लेकिन अन्य जनरल उस पर तैयार नहीं हुए। लाहौर में सोमवार की शाम को हुई कश्मीर रैली में जरदारी ने कहा कि बेनजीर ने 1990 में राजीव गांधी से बात की थी।

 राजीव गांधी भी सौहार्दपूर्ण तरीके से इस मुद्दे को सुलझाना चाहते थे। राजीव ने बेनजीर से कहा था कि पिछले 10 सालों के दौरान जनरल जिया सहित पाकिस्तान से किसी ने भी इस मुद्दे पर हमसे बात नहीं की। उन्होंने स्वीकार किया था कि कश्मीर एक महत्वपूर्ण मुद्दा है और इसका समाधान होने चाहिए।
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उन्होंने कहा था सत्ता में आने के बाद वे इस मुद्दे को पाकिस्तान के साथ उठाएंगे लेकिन 1991 में उनकी हत्या कर दी गई। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के सह-अध्यक्ष जरदारी ने आगे कहा कि पीपीपी के अलावा इस मुद्दे को भारत के साथ कोई नहीं उठा सकता है। बेनजीर के बाद 2008-13 तक रही पीपीपी की पिछली सरकार ने भी तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ इस मुद्दे को उठाया था।

कश्मीर पर बात नहीं कर सके मोदी के दोस्त 
जरदारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दोस्त होने के बावजूद पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ‘पाक के कब्जे वाले कश्मीर’ में मुजफ्फराबाद की रैली में भी कश्मीर के बारे में बात नहीं कर सके। मोदी के दोस्त कश्मीर पर बात नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि कश्मीर मुद्दे पर धोखा देने के कारण ही शरीफ को प्रधानमंत्री पद से बेदखल किया गया।

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