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पाकिस्तान से चीन परेशान, गले की फांस बना CPEC

Wed, 21 Dec 2016 09:12 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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सीपीईसी
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चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) चीन के गले की फांस बनता जा रहा है। पाकिस्तान में सीपीईसी में अनियमितता और करप्शन की खबरों से वहां के ज्यादातर राजनीतिक दल नाराज हैं तो इसे लेकर चीन की चिंता आए दिन उभरकर सामने आ रही है। एक दिन पहले इस प्रोजेक्ट को लेकर पाकिस्तान में चीन के राजदूत मीडियाकर्मियों पर बिफरे तो इसके अगले ही दिन अब चीनी मंत्री को पाक के राजनीतिक दलों का सहयोग मांगना पड़ा। 
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चीन के उपविदेश मंत्री झेंग झियोसोंग ने पाक-चाइना इंस्टिट्यूट में भाषण के दौरान कहा, 'पाकिस्तान में राजनीतिक दलों के हितों में विभिन्नता है। हमें उम्मीद है कि राजनीतिक दल अपने मतभेदों को सुलझाने के लिए मिलकर काम करेंगे और सीपीईसी को सफल बनाएंगे। चीनी मंत्री ने पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (पीटीआई) और पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) के नेताओं से भी मिले और उन्हें चीन आने का न्योता दिया।

दरअसल, चीन सीपीईसी प्रोजेक्ट को अंजाम तक पहुंचाने के लिए जी तोड़ कोशिश कर रहा है। इसे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की फ्लैगशिप योजना के तौर पर देखा जा रहा है। सीपीईसी पर चीन विदेश में अब तक का अपना सबसे बड़ा निवेश कर रहा है। जानकारों का कहना है कि चीन इस प्रोजेक्ट पर करीब 46  अरब अमेरिकी डॉलर खर्च कर रहा है।
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चीन के इस प्रोजेक्ट पर दुनियाभर की नजर है। एक और रूस ने अपने पुराने साझीदार भारत को नाराज कर इससे प्रोजेक्ट से जुड़ने में दिलचस्पी दिखाई है तो भारत इस प्रोजेक्ट को लेकर अपनी नाराजगी जता चुका है। दूसरी ओर, अमेरिका भी इस प्रोजेक्ट पर नजर रख रहा है।  लेकिन इस प्रोजेक्ट को लेकर पाकिस्तान के भीतर ही राजनीतिक दलों के बीच गहरी खाई बन गई है जो चीन के लिए चिंता का सबब बनी हुई है। 
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चीन-पाक गलियारों को लेकर भड़के चीनी राजदूत, ट्विटर पर निकाला गुस्सा

सीपीईसी
हर ओर से आलोचना झेल रहे चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारे को लेकर इस्लामाबाद में  चीनी राजदूत का गुस्सा ट्विटर पर झलका। बीते दिन सीपीईसी को लेकर चीनी राजदूत ने अपनी निराशा जाहिर की और मीडियाकर्मियों के साथ भी उलझ गए।

दरअसल, पाकिस्तान में चीनी राजदूत झाओ लिजियान पिछले कई दिनों से यह आरोप सुन रहे हैं कि सीपीईसी में करप्शन और खराब काम करने का माहौल है जिससे यह प्रोजेक्ट मुश्किल में फंसा हुआ है। पाकिस्तान के ग्वादर को चीन झियांग प्रांत को जोड़ने वाला यह गलियारा दोनों देशों के बीच बेहद अहम माना जा रहा है। इस प्रोजेक्ट को लेकर यह भी आरोप है कि चीन इसे प्रोजेक्ट में कैदियों से मजदूरी करा रहा है। इसे लेकर जब एक सवाल पूछा गया तो लिजियान नाराज हो गए। इसे लेकर उन्होंने ट्विटर पर गुस्सा निकाला। जिसके जवाब में 'डॉन' के पत्रकार ने भी लिखा और दोनों के बीच ट्विटर पर 'जंग' छिड़ी। 
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