पाकिस्तान में पेशावर के स्कूल में चरमपंथियों के ख़िलाफ़ फ़ौजी कार्रवाई ख़त्म हो गई है और स्कूल को सुरक्षाबलों ने अपने नियंत्रण में ले लिया है। सुरक्षाबलों ने इसकी पुष्टि की है. इस चरमपंथी हमले में 133 लोग मारे गए, जिनमें अधिकांश बच्चे हैं।
तालिबान ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है. तालिबान के प्रवक्ता के मुताबिक ये हमला सेना के अभियान के जवाब में किया गया है। पुलिस ने बताया कि छह चरमपंथी हमलावरों को मार गिराया गया है और इमारत में लगे विस्फ़ोटों को भी हटा दिया गया है।
मंगलवार को सुबह पेशावर शहर में स्थित एक आर्मी स्कूल पर हमलावरों ने सुबह ही हमला कर दिया था। मरने वाले लोगों की संख्या के बारे में ख़ैबर पख्तूनख्वाह के स्वास्थ्य मंत्री शेहराम तरकाई ने पु्ष्टि की है।
'बदला'
अधिकारियों ने बताया कि पाँच या छह चरमपंथी सुरक्षाकर्मियों की वर्दी पहनकर स्कूल में दाखिल हुए. वहाँ से गोलीबारी और धमाकों की आवाज़ सुनाई दी। सेना का कहना है कि स्कूल के 500 छात्रों में से ज़्यादातर को निकाल लिया गया है।
माना जाता है कि उत्तरी वज़ीरिस्तान और ख़ैबर इलाक़े में हाल में सेना के अभियान में सैकड़ों तालिबान लड़ाके मारे गए थे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने हमले की निंदा की है। वहीं भारत के गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्विटर पर लिखा है, "मैं पेशावर में स्कूली हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता हूँ। ये अमानवीय हमला आतंकवाद का असल चेहरा उजागर करता है।"
'कक्षाओं में बच्चों को पीटा'
जीओ टीवी स्टेशन पर एक छात्र ने बताया कि हमलावर स्कूल के ऑडिटोरियम में आए जहाँ सेना की टीम बच्चों के लिए फ़र्स्ट एड की ट्रेनिंग दे रही थी। घायलों को पास के अस्पताल ले जाया जा रहा है। इलाक़े में हेलिकॉप्टर भी देखा गया है। स्कूल में काम करने वाले मुदासिर अवान ने बताया, "हमने छह या सात हमलावरों को देखा। जैसे ही गोलाबारी शुरु हुई हम कक्षाओं की तरफ़ भागे। वे हर कक्षा में जा रहे थे और बच्चों को पीट रहे थे।" बताया जा रहा है कि मरने वालों में शिक्षक और सैनिक भी शामिल हैं।