पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ अदालत में पेश होने के लिए सोमवार को लंदन से इस्लामाबाद लौटे, जहां उन पर भ्रष्टाचार के आरोपों में मुकदमा चल रहा है। इस दौरान शरीफ ने अपने खिलाफ चल रहे केस को राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि पाकिस्तान में लोकतंत्र नहीं, चीफ जस्टिस पाकिस्तान (सीजेपी) साकिब निसार की तानाशाही चल रही है।
नवाज ने कहा, पाकिस्तान में जो कुछ जो रहा है, वह न्यायिक सैन्य शासन से कम नहीं है। न्यायालय के हाल के आदेशों को तथ्यों से परे बताते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के 22 करोड़ लोगों को चुप कराना उन्हें मंजूर नहीं है। नवाज ने कहा, इस तरह की पाबंदियां तो सैन्य शासन के वक्त भी पाकिस्तान में नहीं थीं। पिछले साल 28 जुलाई को पनामा पेपर केस में सुप्रीम कोर्ट की ओर से प्रधानमंत्री पद के लिए अयोग्य करार दिए जाने के बाद सितंबर में नवाज पर तीन मुकदमे शुरू हुए थे।
शरीफ अपनी बेटी मरियम और दामाद मोहम्मद सफदर के साथ अदालत में पहुंचे, लेकिन मुख्य गवाहों की अनुपस्थिति के चलते अदालत ने सुनवाई मंगलवार तक के लिए टाल दी। इस केस में शरीफ परिवार पर लंदन के एविनफील्ड एरिया में गैरकानूनी तरीके से संपत्ति खरीदने का आरोप है। हालांकि शरीफ के दोनों बेटे इस मामले में अब तक पेश नहीं हुए हैं। नवाज अपनी पत्नी कुलसूम नवाज को देखने लंदन गए थे, जहां उनका कैंसर का इलाज चल रहा है।