पाकिस्तान के सिंध प्रांत स्थित एक सूफी दरगाह पर बृहस्पतिवार को हुए आत्मघाती विस्फोट के बाद शुक्रवार को लोग सड़कों पर उतर आए। लोगों ने सुरक्षा प्रदान करने में नाकाम रहने का आरोप लगाते हुए पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
सिंध प्रांत के सहवान कस्बे स्थित सूफी लाल शाहबाज कलंदर की दरगाह पर बृहस्पतिवार को एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया था। विस्फोट में कम से कम 100 लोगों की मौत हो गई। हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने ली है। सिंध के स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि 67 शवों की शिनाख्त कर ली गई है और उन्हें संबंधित परिवारों को सौंप दिया गया है।
हमले से आक्रोशित लोग शुक्रवार को सहवान में सड़क पर उतरे और इस आतंकी हमले तथा सुरक्षा मुहैया कराने में सरकार की नाकामी के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रही भीड़ ने वाहनों में तोड़फोड़ की और पुलिस के एक वाहन को आग के हवाले कर दिया तथा सड़कों को अवरुद्ध करने के लिए टायर जलाए।
एक प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘दरगाह में एकमात्र स्कैनर लगा है और वह भी सही ढंग से काम नहीं कर रहा है, जबकि हजारों श्रद्धालु दरगाह पर आते हैं।’ हमले में घायल हुए लोगों के परिजनों ने सहवान और नवाबशाह के अस्पतालों में उचित चिकित्सा व्यवस्था नहीं होने की शिकायत की है।