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चीन के साथ बन रहे अपने ही आर्थिक कॉरिडोर से डरा पाक, भारत को फायदा मिलने का शक

Fri, 18 Nov 2016 02:07 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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कॉरिडोर - फोटो : Reutors
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भारत पहले ही चीन और पाकिस्तान के बीच प्रस्तावित आर्थिक कॉरिडोर (सीपीईसी) का विरोध कर चुका है। बताया जा रहा है कि यह कोरिडोर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के माध्यम से चलेगा। लेकिन, अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है। खबरों के मुताबिक, पाकिस्तान को लग रहा है कि यह कॉरिडोर  भारत को फायदा पहुंचाएगा। इससे वह डरा हुआ है।
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पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी सांसदों ने संदेह व्यक्त किया है कि सीपीईसी का प्रयोग चीन भारत के साथ अपने व्यापारिक संबंधो के लिए कर सकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि संसद की योजना और विकास के लिए बनाई गई स्टैंडिंग कमेटी ने महसूस किया है कि चीन इस कोरिडोर का प्रयोग दूसरे देशों के साथ व्यापार के नए रास्ते बनाने के लिए कर सकता है। इसमें भारत के साथ-साथ यूरोप और मध्य एशिया के दूसरे देश हैं।

स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन सैयद ताहिर हुसैन मशहदी की राय है कि चीन इस कॉरिडोर का प्रयोग अपने 8 अविकसित प्रांतों में आर्थिक गति देने के लिए कर सकता है। उनके द्वारा निर्माण किए गए सड़क और रेलवे कनेक्टिविटी का प्रयोग चीन इसके विकास के लिए कर सकता है।
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मशहदी ने आगे कहा कि चीन निश्चित तौर पर सीपीईसी का प्रयोग अपने व्यापार को भारत के साथ बढ़ाने में प्रयोग कर सकता है। क्योंकि, जब कोई निवेश करता है तो वह फायदे के बारे में जरूर सोचता है। 
 
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सीपीईसी का पहले भी विरोध कर चुका है डॉन

पाकिस्तान - फोटो : social media


बताते चलें कि बीते. कुछ महीनों में डॉन अखबार सीपीईसी का का विरोध करता रहा है। वह इसे खराब योजना बताता रहा है। 

बीते हफ्ते, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने बलूचिश्तान प्रांत के पश्चिमी क्षेत्र में स्थित ग्वादर बंदरगार में परिचालन गतिविधियों का उद्घाटन किया था। इस बंदरगाह को पुनरुत्थान चीन-पाकिस्तान के 46 बिलियन के कोरिडोर के लिए रणनीतिक कदम के तौर पर देखा जाता है। 
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