पाकिस्तानी मीडिया ने भारत प्रशासित कश्मीर में लोगों पर हो रहे कथित अत्याचार को लेकर जारी किए गए एक गीत पर खबर की है। इस गीत को 'कश्मीर एंथम सॉन्ग' बताया जा रहा है, जिसे पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर की राजधानी मुजफ्फराबाद में राष्ट्रपति सरदार मसूद खान की मौजूदगी में 14 नवंबर को रिलीज किया गया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस गाने को कथित तौर पर कश्मीरी लोगों पर भारत सरकार द्वारा किए जा रहे जुल्म के खिलाफ एक आवाज देने के लिए बनाया गया है। गाने के निर्माता नामी कलाकार उमर एहसान हैं। उमर ने अपनी फेसबुक वॉल पर इस गाने को कश्मीर के चरमपंथी नेता बुरहान वानी को समर्पित किया था। बुरहान को भारतीय फौज ने 8 जुलाई को कथित एनकाउंटर में मार गिराया था, जिसके बाद भारत प्रशासित कश्मीर में करीब चार महीने तक अशांति रही।
उमर पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में बतौर समाजसेवी काम करते रहे हैं
बीबीसी से बात करते हुए उमर एहसान ने कहा, "हमें उम्मीद थी कि जिंदगी को तरसे कश्मीरी लोगों की आवाज बुलंद करने के लिए भारतीय कलाकार सामने आएंगे। लेकिन कुछ लोगों ने ऐसी कोशिश की, तो भारतीय जनता नाराज हो गई। हमने कश्मीरियों पर गाना बनाने का पहला हक भारत को ही दिया था। ताकि हुकूमतें यह नहीं समझें कि जुल्म करने से नस्लें मिटाई जा सकती हैं।"
उमर पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में बतौर समाजसेवी काम करते रहे हैं। उनका कहना है कि पाकिस्तान के बेस्ट संगीतकारों ने मिलकर इस गीत को तैयार किया है। यह मजहब का गीत नहीं है, बल्कि इंसानों का गीत है।
पाकिस्तानी चैनलों पर राष्ट्रपति मसूद खान ने गाने की तारीफ की है
पाकिस्तानी अखबार डॉन में 15 नवंबर को छपी खबर के मुताबिक, 'चूंकि बहुत से पाकिस्तानी कलाकार भारत के लिए भी काम करते हैं, ऐसे में ज्यादातर कलाकार शुरूआत में इस गाने के लिए तैयार नहीं हुए।'
बाद में इस गाने को नामी संगीतकार अली अजमत, उमर जसवाल और एलिसिया डायस की आवाज में रिकॉर्ड किया गया। कई रिपोर्ट्स में लिखा गया है कि इस गाने के बाद संगीतकार जसवाल के फेसबुक पेज से हजारों भारतीय कद्रदानों ने खुद को अलग कर लिया है।
कई पाकिस्तानी चैनलों पर दिखाया गया कि राष्ट्रपति सरदार मसूद खान ने इस गाने की तारीफ की है। साथ ही पाकिस्तान के लोगों से कश्मीर के संघर्ष में उनका साथ देने की अपील की है। इस बीच सोशल मीडिया पर कश्मीर समर्थक इस गीत को जमकर शेयर कर रहे हैं।