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यूएन बैठक के दौरान भारत से विदेश मंत्री स्तर की वार्ता करना चाहता है पाक

Thu, 20 Sep 2018 03:21 AM IST
एजेंसी, इस्लामाबाद
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इसी महीने न्यूयॉर्क में होने जा रही संयुक्त राष्ट्र संघ की आम सभा (यूएनजीए) के दौरान पाकिस्तान ने विदेशमंत्री सुषमा स्वराज के साथ अपने विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी की द्विपक्षीय वार्ता के आयोजन की इच्छा जाहिर की है। पाकिस्तान के विदेश विभाग की तरफ से बुधवार को कहा गया कि इसके लिए वे भारत को मनाने का प्रयास कर रहे हैं। 

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हालांकि पाकिस्तान विदेश विभाग के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने कहा कि इस बारे में अभी तक कोई निर्णय नहीं हो पाया है। फैसल से जब यह पूछा गया कि क्या दोनों पक्षों ने इसके लिए एक-दूसरे से संपर्क किया है तो उसने कहा, हम इस मसले पर संपर्क में हैं। 

बता दें कि सुषमा स्वराज यूएनजीए में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगी, जबकि पाकिस्तान की तरफ से कुरैशी का आना तय माना जा रहा है। वर्ष 2016 में पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों की तरफ से भारत के खिलाफ हमलों की शुरुआत के बाद से दोनों देशों के बीच संबंधों में खटास चल रही है और तब से दोनों के बीच कोई द्विपक्षीय वार्ता आयोजित नहीं की गई है।

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करतारपुर साहिब गुरुद्वारा पर नहीं हुई है कोई वार्ता

फैसल से करतारपुर साहिब गुरुद्वारा कारीडोर को भारतीय सिख श्रद्धालुओं के लिए खोले जाने के मुद्दे पर भी सवाल पूछा गया। फैसल ने कहा कि इस बारे में दोनों देशों के बीच अभी तक कोई भी औपचारिक वार्ता नहीं हुई है। 

बता दें कि क्रिकेटर से राजनेता बने पंजाब राज्य सरकार के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने दावा किया था कि पाकिस्तान के सैन्य चीफ कमर जावेद बाजवा ने उनसे कहा है कि पाकिस्तान सरकार भारतीय पंजाब के सिख श्रद्धालुओं के लिए करतारपुर कारीडोर खोलने पर काम कर रही है। गुरुद्वारा करतारपुर साहिब पाकिस्तानी पंजाब के नारोवाल जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा से 4 किलोमीटर दूर स्थित है और साफ मौसम रहने पर भारत के डेरा बाबा नानक से स्पष्ट तौर पर दिखाई देता है।

चीन को बताई है एलओसी की स्थिति
फैसल ने दावा किया कि पिछले सप्ताह पाकिस्तान दौर पर आए चीन के विदेश मंत्री वांग यी को वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलओसी) की स्थिति की जानकारी दी गई है। उसने कहा, पाकिस्तान अपने दोस्तों, खासतौर पर चीन को एलओसी और कश्मीर की स्थिति की जानकारी देता रहता है, क्योंकि इसमें जरा भी छेड़छाड़ से पूरे क्षेत्र के लिए गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
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