पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पनामा पेपर्स मामले में प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनके बेटों पर कथित तौर पर लगे आरोपों की जांच के लिए छह सदस्यीय उच्च स्तरीय संयुक्त जांच टीम (जेआईटी) गठित कर दी है। न्यायाधीशों के तीन सदस्यीय पैनल ने विभिन्न विभागों द्वारा सौंपे गए नामों की समीक्षा की। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के 20 अप्रैल के फैसले में ऐसा करने का आदेश दिया गया था। जेआईटी को इस मामले की जांच के लिए 60 दिन का समय दिया गया है।
अदालत ने संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) के अतिरिक्त निदेशक वाजिद जिया को जेआईटी के प्रमुख के तौर पर नियुक्त किया है। इसके अन्य सदस्यों में सेना सतर्कता से ब्रिगेडियर कामरान खुर्शीद, स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के आमेर अजीज, पाकिस्तान प्रतिभूति विनिमय आयोग (एसईसीपी) के कार्यकारी निदेशक बिलाल रसूल, राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) के निदेशक इरफान नईम मंगी और इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) के ब्रिगेडियर मोहम्मद नउमन सईद हैं।
जेआईटी सचिवालय को यहां संघीय न्यायिक अकादमी परिसर में रखा जाएगा और अदालत ने संघीय सरकार से जांच के लिए जेआईटी को प्रारंभिक राशि के तौर पर 20 मिलियन रुपये समेत सभी आवश्यक कोष मुहैया कराने को भी आदेश दिया है।