पाकिस्तान में मानवता को तार-तार करने वाली एक घटना सामने आई है। सिंध प्रांत के उमरकोट जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने एक सफाई कर्मचारी का कथित रूप से इलाज इसलिए नहीं किया क्योंकि उस पर गंदगी चिपटी हुई थी। समय पर इलाज नहीं मिलने की वजह से सफाई कर्मचारी की मौत हो गई।
दरअसल, सफाई कर्मचारी इरफान मसीह अपने तीन साथियों के साथ सीवर की सफाई कर रहा था। अचानक तीनों सीवर में गिर गए। बेहोश स्थिति में उन्हें अस्पताल लाया गया। इस बीच मसीह को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। उसके परिवार ने डॉक्टरों से जल्द इलाज करने की गुहार लगाई। लेकिन डॉक्टरों ने मसीह को छूने से इनकार कर दिया। डॉक्टरों ने कहा कि वह रोजा रखे हुए हैं, ऐसे में वह उसके गंदे शरीर को नहीं छू सकते। यहां तक कि मसीह को आक्सीजन देने से भी इनकार कर दिया। परिवार ने जैसे-तैसे मसीह का शरीर साफ किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। मसीह ने दम तोड़ दिया।
इसके बाद पीड़ित परिवार ने मसीह का शव लेकर अस्पताल के बाहर धरना दिया। डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जिसके बाद पुलिस ने छह डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज किया। मुख्य आरोपी डॉ जाम खुनबार समेत तीन डॉक्टरों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
वहीं अन्य तीन सफाई कर्मचारियों को भी इलाज नहीं मिल पाया। उन्हें पहले हैदराबाद और फिर कराची रेफर कर दिया गया। इनकी हालत भी गंभीर बताई जा रही है। सीवर में गिरने से वह कई प्रकार की हानिकारक गैसों के संपर्क में आ गए थे।