पाकिस्तान ने देश के 5,000 अकाउंट को फ्रीज कर दिया है, ये सभी अकाउंट आतंकवादियों के संबंधित बताए जा रहे हैं। आतंकियों पर इतनी बड़ी कार्रवाई करने के बाद भी इस्लामाबाद अभी अंतरराष्ट्रीय निगरानी में बना हुआ हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाक की तस्वीर आतंकियों को पनाह देने वाले देश के रूप में ही है।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान में राजनीतिक और सहानुभूति रवैए के कारण पाकिस्तान को आतंकी समूह पर कार्रवाई करने में और उनकी आर्थिक मदद पर रोक लगाने में समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
अगले महीने स्पेन में होनी वाली फाइनेंस ऐक्सन टास्क फोर्स अपने असाइनमेंट हाई रिस्क और नॉन कॉपरेटिव ज्यूरिडिक्सन को अपडेट करेगी। इस टास्क फोर्म में विश्व के 35 देशों की हिस्सेदारी है। इस टास्क फोर्स का निर्माण 1989 में मनीं लॉन्ड्रिंग को रोकने के लिए किया गया था।
9/11 के बाद इस टास्क फोर्स ने आतंकियों को मिलने वाले फंड को रोकने का जिम्मा भी उठाया। 2015 में पाकिस्तान को मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकियो को आर्थिक मदद रोकने के लिए छूट भी दी गई। हालांकि चिंता का कारण बैन आतंकियों संगठनों को नए नाम से दोबारा संगठन बनाना है।