पाकिस्तान की आतंकवाद रोधी अदालत ने पूर्व तालिबान सरगना मुल्ला अख्तर मंसूर की संपत्तियों की नीलामी का आदेश दिया है। खूंखार आतंकी मंसूर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का बहुत करीबी था। वर्ष 2016 में अमेरिकी ड्रोन हमले में मंसूर मारा गया था।
पाकिस्तानी अदालत के आदेश को जून में होने वाली समीक्षा बैठक से पहले वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) की आंखों में धूल झोंकने जैसा बताया जा रहा है। एफएटीएफ ने इस साल की शुरुआत में इस्लामाबाद को अपनी ग्रे लिस्ट में बरकरार रखा था और उसे जून कुछ बिंदुओं पर काम करने को कहा था। इसमें नाकाम रहने पर उसे ब्लैक लिस्ट में डालने की चेतावनी दी थी।
पाकिस्तानी कोर्ट ने कराची स्थित मंसूर की पांच संपत्तियों को कब्जे में लेने का आदेश दिया है। फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर खरीदी गई इन संपत्तियों की कीमत 3.2 करोड़ आंकी जा रही है। आईएसआई और तालिबान का आतंकी गठजोड़ सालों से चला रहा है।
पाकिस्तान आतंकी गुटों के लिए एक सुरक्षित पनाहगाह है। पिछले महीने अफगानिस्तान की खुफिया एजेंसी ने आईएसआई समर्थित आईएस आतंकी अब्दुल्ला ओराकजई उर्फ असलम फारूकी को गिरफ्तार किया था।
फारूकी मार्च में काबुल के गुरुद्वारे पर हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड है। इस हमले में 27 लोग मारे गए थे। इसी तरह से मंसूर भी आईएसआई का विश्वस्त आतंकी था और पाक की खुफिया एजेंसी की मदद से करोड़ों की कीमत की संपत्ति खरीदी।