पाकिस्तान के गृहमंत्री ने मंगलवार को कहा कि कुलभूषण जाधव का केस यह साबित करता है कि भारत CPEC को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद ने कुलभूषण जाधव के मामले को अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया है क्योंकि यह चीन और पाकिस्तान के आर्थिक कॉरिडोर (सीपीईसी) को तोड़ने के लिए भारत के इरादों का प्रमाण था।
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भारत के नागरिक कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने जासूसी और आतंकवाद का दोषी पाया था जिसके बाद कुलभूषण को फांसी की सजा सुनाई गयी थी। गृहमंत्री एहसान इकबाल ने कहा कि जाधव का मामला यह साबित करता है कि भारत 50 बिलियन डॉलर की CPEC परियोजना को तबाह करना चाहता था।
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द न्यूज इंटरनेशनल के मुताबिक चीन और पाकिस्तान का आर्थिक कॉरिडोर दोनों देशों की दोस्ती का सबूत है। इस परियोजना को कोई पलट नहीं सकता। आपको बता दें कि भारत के हस्तक्षेप के बाद इंटरनेशनल कोर्ट ने जाधव की फांसी पर रोक लगा दी थी।