मुंबई आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ता और जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज सईद के चार सहयोगियों को पाकिस्तान के पंजाब सूबे की सरकार ने रिहा कर दिया है। इन सभी को सईद के साथ जनवरी में हिरासत में लिया गया था और सभी नजरबंद थे।
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न्यायिक समीक्षा बोर्ड नजरबंदी बढ़ाने की गृह विभाग की दलीलों से संतुष्ट नहीं था। लिहाजा उसने अब्दुल्ला उबैद, मलिक जफर इकबाल, अब्दुल रहमान आबिद और काजी कासिफ हुसैन की हिरासत बढ़ाने से इनकार कर दिया।
31 जनवरी को हाफिज सईद और उसके चार सहयोगियों को आतंकवाद रोधी अधिनियम, 1997 के तहत 90 दिन के लिए हिरासत में लिया गया था। इसके बाद यह अवधि बढ़ा दी गई थी। हालांकि दोनों बार जन सुरक्षा कानून के तहत हिरासत की अवधि बढ़ाई गई।
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एंटी टेरेरिज्म एक्ट के अनुसार, सरकार किसी भी व्यक्ति को विभिन्न आरोपों में 90 दिन के लिए हिरासत में रख सकती है। इसके बाद हिरासत की अवधि को बढ़ाने के लिए न्यायिक समीक्षा बोर्ड की अनुमति लेनी होती है।
बहरहाल, हाफिज सईद को 26 नवंबर तक हिरासत में ही रहना होगा। गत माह जन सुरक्षा कानून के तहत उसकी नजरबंदी 30 दिन के लिए बढ़ा दी गई थी। जमात-उद-दावा को अमेरिका ने जून 2014 में आतंकी संगठन घोषित किया था। वहीं सईद की आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता को देखते हुए अमेरिका ने उस पर 10 मिलियन डॉलर का इनाम रखा है।