पाकिस्तान कई अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर का राग अलापता रहता है। एक बार उसने इस मुद्दे को जापान के राजनयिक के सामने उठाने की कोशिश की लेकिन उसकी यह कोशिश नाकाम रही। जापान के राजनयिक ने कश्मीर के मुद्दे को नजरअंदाज करते हुए अफगानिस्तान के मसले को उठा दिया।
हुआ कुछ यूं कि पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नासिर खान जंजुआ ने जापान के राजदूत तकाशी कुरई के साथ एक बैठक में कश्मीर मुद्दा उठाया। मगर राजदूत ने इसे टालते हुए अफगानिस्तान की स्थिति का मुद्दा उठा लिया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जंजुआ ने जापानी राजदूत से कहा कि कश्मीर की स्थिति से ध्यान भटकाने के लिए भारतीय सेना लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) पर फायरिंग करती है। तकाशी ने इस मुद्दे को नजरअंदाज करते हुए उत्तर कोरिया और अमेरिका के साथ रिश्तों पर बातचीत की।
इसके अलावा उन्होंने अफगानिस्तान की स्थिति पर पाकिस्तान से जवाब मांगा। जिसके जवाब में पाक के सुरक्षा सलाहकार ने जापानी राजदूत को बताया कि प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी ने हाल ही में अफगानिस्तान की यात्रा की थी। उन्होंने शांति वार्ता की पहल करने के लिए अफगानी राष्ट्रपति अशरफ घनी की तारीफ भी की।
बता दें कि प्रधानमंत्री अब्बासी ने 6 अप्रैल को अफगानिस्तान का एक दिन का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी और चीफ एक्जीक्यूटिव अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह से मुलाकात की थी।
संयुक्त बयान जारी कर कहा था कि दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई थी कि अफगानिस्तान की समस्या का कोई सैनिक हल संभव नहीं है। दोनों नेताओं ने कहा था कि अफगानिस्तान मसले का सबसे बेहतरीन हल राजनीतिक हल है। दोनों ने अपनी धरती एक दूसरे के खिलाफ इस्तेमाल नहीं किए जाने पर सहमति जताई थी।