पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के मु्ख्यमंत्री को राजधानी क्वेटा में गुरुवार को हुए बम धमाकों के बाद उनके पद से हटा दिया गया है।
प्रधानमंत्री रजा परवेज अशरफ ने विरोध कर रहे शिया मुसलमानों के नेताओं से मिलने के बाद इस फैसले का ऐलान किया। गुरुवार को क्वेटा में हुए दो बम धमाकों में नब्बे से अधिक लोग मारे गए थे। ये हमले शिया मुसलमानों को निशाना बनाकर किए गए थे।
हमलों के बाद शिया सड़कों पर उतर आए थे और उन्होंने मारे गए लोगों के शवों को तब तक दफनाने से इंकार कर दिया था जब तक उन्हे सुरक्षा नहीं दी जाती।
पाकिस्तान के शिया अल्पसंख्यक समुदाय में सुरक्षा को लेकर आशंकाएं बढ़ी हैं। शियाओं की आबादी पाकिस्तान में वर्चस्व रखने वाले सुन्नी मुसलमानों की संख्या का 20 फीसदी है।
विरोध
अलि राजा नाम के एक प्रदशर्नकारी ने समाचार एजेंसी एएफपी से कहा कि क्वेटा कत्लगाह का मैदान बन गया है। हम इसका विरोध कर रहे हैं। ज्यादातर शिया मुसलमान हजारा समुदाय से आते हैं।
शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने धार्मिक मामलों के मंत्री सैयद खुर्शीद शाह के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करने से मना कर दिया था।
शिया कॉनफ्रेंस के अध्यक्ष सैयद दाउद अगा ने बीबीसी को बताया था कि उनका समुदाय लाशों को तब तक दफन नहीं करेगा जब तक कि फौज ये भरोसा न दिला दे कि वे शहर का निजाम अपने हाथों में ले लेंगे। पाकिस्तान का बलूचिस्तान सूबा मजहबी गुटों और अलगाववादी विद्रोहियों के संघर्ष से जूझ रहा है।