पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने एक बार फिर भारत पर निशाना साधते हुए कहा है कि वह दबाए जा रहे कश्मीरियों की आवाज बनने के लिए बाध्य हैं। उन्होंने कहा कि वह दुनिया को घाटी के लोगों की त्रासदी को समझाने में कोई कसर नहीं रखेंगे।
शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र की जनरल असेंबली की तैयारियों के संबंध में आयोजित एक बैठक में यह बात कही। बैठक में कहा गया कि कश्मीर अभी भी यूएन का अधूरा एजेंडा बना हुआ है। लिहाजा भारत को यह समझ लेना चाहिए कि कश्मीर उसका आंतरिक मामला नहीं है। यह क्षेत्रीय औैर अंतरराष्ट्रीय मुद्दा है।
उन्होंने कहा कि कश्मीरियों को आत्मनिर्णय का अधिकार न देना यूएन की लगातार चली आ रही असफलता है। पिछले सप्ताह शरीफ ने कहा था कि कश्मीर में आजादी के आंदोलन की एक नई लहर देखी जा रही है। उन्होंने विभिन्न देशों में अपने राजदूतों को यह बताने के लिए कहा था कि कश्मीर भारत का आंतरिक मामला नहीं है।
बैठक में शरीफ के विदेश नीति के सलाहकार सरताज अजीत, विदेश मामलों पर विशेष सहायक तारिक फातमी और विदेश सचिव एजाज अहम चौधरी शामिल थे। संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की स्थायी प्रतिनिधि मलीहा लोधी और अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत जलील अब्बास जिलानी में भी इसमें मौजूद रहे।