अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर पिछले 10 दिनों में हुए तीन बड़े आतंकी हमलों के पीछे पाकिस्तान का हाथ सामने आ रहा है। इस बात का सबूत देने के लिए बुधवार को एक उच्च स्तरीय अफगान प्रतिनिधिमंडल अचानक से पाकिस्तान पहुंचा।
प्रतिनिधिमंडल में अफगान खुफिया विभाग के प्रमुख और अफगानिस्तान के गृह मंत्री भी शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तानी अधिकारियों को वह सबूत सौंपे, जिसमें काबुल में हुए आतंकी हमलों में पाकिस्तान की भूमिका समझी जा सकती है।
पाक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मुहम्मद फैसल ने बताया कि अफगान प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति गनी का संदेश लेकर इस्लामाबाद पहुंचे और आपसी सहयोग को लेकर चर्चा की। इस प्रतिनिधिमंडल में अफगानिस्तान के गृह मंत्री वाइस अहमद बरमाक और राष्ट्रीय सुरक्षा निदेशालय के प्रमुख मामूम स्तानकजई भी शामिल थे। हालांकि, अफगानिस्तान के तोलो न्यूज ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने काबुल पह हुए हमलों में पाकिस्तान का हाथ होने के सबूत पाक अधिकारियों को सौंपे हैं। इन सबूतों को पाकिस्तानी सेना के साथ भी साझा किया जाएगा।
घंटी बजती रही, पर गनी ने अब्बासी का फोन नहीं उठाया
रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों देशों के संबंध इन हमलों के चलते और खराब हुए हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मंगलवार रात पाकिस्तान के प्रधानमंत्री खाकान अब्बासी ने राष्ट्रपति गनी को फोन किया था, लेकिन गनी ने कॉल नहीं उठाई। इसके तुरंत बाद ही गनी ने प्रतिनिधिमंडल पाक भेजने का फैसला लिया। गौरतलब है कि काबुल में हुए हालिया हमलों में सैकड़ों लोगों की जान गई है। इन हमलों के पीछे पाकिस्तान का हाथ सामने आया है।