ऑल पार्टीज कांफ्रेंस (एपीसी) की संयुक्त बैठक में पीएमएल-एन के अलावा अधिकांश छोटी सियासी पार्टियों ने हिस्सा लिया। चुनाव बाद संयुक्त रणनीति के लिए एक दर्जन से अधिक पार्टियों की इस बैठक में तीसरे नंबर की पीपीपी ने हिस्सा नहीं लिया।
मुत्ताहिदा मजलिस-ए-अमल, पीएसपी, एएसपी, क्यूडब्ल्यूपी, एनपी आदि ने बैठक में इमरान की जीत का विरोध किया। पाक में सरकार बनाने के लिए 137 सीटों की जरूरत होती है, लेकिन इमरान इससे दूर हैं जबकि दूसरे दलों के विरोध के चलते उनसे समर्थन लेना भी इमरान खान के लिए आसान नहीं होगा।
राजनीतिक दलों के चुने गए सांसद नहीं लेंगे शपथ
एपीसी की संयुक्त बैठक में शामिल सभी राजनीतिक पार्टियों ने यह फैसला भी लिया कि उनके चुने गए सांसद शपथ नहीं लेंगे। चुनाव में धांधली के खिलाफ आंदोलन शुरू किया जाएगा और दोबारा चुनाव कराने की मांग को लेकर सड़क पर उतरा जाएगा।
विरोध प्रदर्शन शुरू करने के लिए तारीख का एक-दो दिन में एलान कर दिया जाएगा। बैठक को संबोधित करते हुए जेयूआई-एफ प्रमुख ने कहा कि संसद ने निष्पक्ष चुनाव के लिए पाक चुनाव आयोग को 20 अरब रुपए दिए थे लेकिन ये चुनाव निष्पक्ष नहीं हुए, बल्कि इसमें सेना ने चुनाव अधिकारियों को बंधक बनाए रखा।