पाकिस्तान चुनाव की मतगणना में 272 सीटों में से अब तक 270 सीटों के नतीजे आए हैं। इनमें पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने 115 सीटें जीती हैं, नवाज शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग ने 64 जबकि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) 43 सीटें जीतकर तीसरे स्थान पर है। इसके अलावा मुताहिदा मजलिस-ए-अमल (एमएमए) ने 12 सीटें, मुताहिदा कौमी मूवमेंट-पाकिस्तान ने 6 सीटें, पाकिस्तान मुस्लिम लीग और बलूचिस्तान अवाम पार्टी (बीएपी) ने 4-4 सीटें, सिंध की ग्रैंड जनतांत्रिक गठबंधन ने 2 सीटें, अन्य और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 20 सीटें जीती हैं।
इमरान को करना पड़ेगा 2-3 हफ्तों का इंतजार
दरअसल, पाकिस्तान के चुनाव आयोग के मुताबिक, नेशनल असेंबली की सीटों पर जीत दर्ज करने वाले उम्मीदवारों को चुनाव में हुए खर्च की जानकारी देनी होती है। इसके लिए उन्हें 10 दिन का समय दिया जाता है। निर्धारित तिथि से पहले उन्हें चुनावी खर्च का ब्यौरा चुनाव आयोग के पास भेजना होता, लेकिन अगर वो इसमें देरी करते हैं तो उन पर जुर्माना भी लग सकता है। माना जा रहा है कि ये पूरी प्रक्रिया 15 अगस्त तक समाप्त हो जाएगी। इसके बाद चुनाव आयोग उम्मीदवारों के जीतने की अधिसूचना जारी करेगा। साथ ही सदन की प्रक्रिया शुरू होने में भी थोड़ी देरी होती है।
इसके अलावा, पाकिस्तान में एक नियम है कि निर्दलीय जीतने वाले उम्मीदवारों को किसी न किसी राजनीतिक दल का हाथ थामना ही पड़ता है, अन्यथा वे संसद की बैठकों में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। इसके लिए उन्हें तीन दिन का समय दिया जाता है।
पाकिस्तान चुनाव आयोग के नियम के मुताबिक, वहां की 70 सीटें महिलाएं और अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षित होती हैं। इनमें 60 सीटें महिलाओं के लिए जबकि 10 सीटें अल्पसंख्यकों के लिए होती हैं। नियम के मुताबिक, विजेता पार्टियों को उनकी जीती हुई हर साढ़े चार सीटों के बदले एक महिला सीट दी जाती है।
ऐसे में अगर अनुमान लगाया जाए तो पीटीआई को 25 महिला सीटें मिल सकती हैं, जबकि पीएमएल-एन को 14 सीटें, पीपीपी को 9 सीटें, एमएमए को 2 सीटें और अन्य के खाते में 8 महिला सीटें आएंगी।
अगर इन सभी सीटों को जोड़ा जाए तो पीटीआई के खाते में 140 सीटें और 3 अल्पसंख्यक सीटों को मिलाकर कुल 143 सीटें होती हैं। अगर इनमें एमएमए की 14 सीटें भी जोड़ दी जाएं, फिर भी 157 सीटें ही होती हैं। अब ये तो वक्त ही बताएगा कि इमरान खान को कौन सी पार्टी समर्थन देती है और कौन से निर्दलीय उम्मीदवार उनका साथ देते हैं।