दुनिया में आतंक फैलाने वाला पाकिस्तान अपनी गिरती हुई अर्थव्यवस्था से खुद ही आतंकित हो गया है। पाकिस्तान को अपने चालू खाता घाटे से उबरने के लिए 17 बिलियन डॉलर की जरूरत है। वर्ल्ड बैंक ने पाकिस्तानी डेलीगेशन के साथ बातचीत के बाद कहा कि पाकिस्तान को बाहरी सेक्टर्स में विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।
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बैंक ने कहा, चालू खाते के घाटे और ऋण भुगतान में बढ़ोतरी के लिए पाकिस्तान को वित्तीय वर्ष 2018 में जीडीपी के 5-6 फीसदी की बढ़ोतरी या 17 अरब अमेरिकी डॉलर की जरूरत है। हालांकि वर्ल्ड बैंक ने कहा है कि वह पाकिस्तान को आर्थिक संकट से उबरने में मदद जारी रखेगा।
वर्ल्ड बैंक के साउथ एशिया क्षेत्र के वाइस प्रेसीडेंट अनेटे डिक्सन से पाकिस्तानी डेलीगेशन ने मुलाकात की। पाकिस्तानी डेलीगेशन में फाइनेंस डिवीजन के सचिव शाहिद महमूद, पाकिस्तान स्टेट बैंक के गवर्नर तारिक बाजवा और आर्थिक मामलों के सचिव आरिफ अहमद खान शामिल हैं।
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मीटिंग के बाद जारी बयान में कहा गया कि पाकिस्तान ने पिछले 4 सालों में अपनी इकोनॉमी को स्थापित किया है और 2017 में वित्तीय वर्ष में 5.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हासिल की है ।