कोर्ट के फैसले के बाद मरियम और उनके पति सफदर अब चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। मरियम 25 जुलाई को होने वाले आम चुनाव में लाहौर से किस्मत आजमा रही थीं।
तीन मामले दर्ज हुए थे
राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो ने 68 वर्षीय नवाज और उनके परिवार के खिलाफ भ्रष्टाचार के तीन मामले दर्ज किए थे। इनमें से एक एवेन फील्ड प्रॉपर्टीज, गल्प स्टील मिल्स और अल-अजीजा स्टील मिल्स से जुड़े मामले शामिल हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने 1993 में लंदन स्थित चार एवेन फील्ड फ्लैट को भ्रष्टाचार के पैसों से खरीदा था।
बेटे भगोड़े घोषित हो चुके हैं
इस मामले में नवाज के बेटे हसन और हुसैन भी सह आरोपी थे लेकिन ये दोनों कोर्ट के सामने कभी पेश नहीं हुए। इसके चलते कोर्ट इन्हें भगोड़ा घोषित कर चुका है।
लंदन में है शरीफ परिवार
डॉन न्यूज के अनुसार, सजा सुनाए जाने के वक्त नवाज शरीफ का परिवार और पूर्व वित्त मंत्री इशाक डार लंदन स्थित एवेन फील्ड फ्लैट में मौजूद थे।
धारा 144 लागू
फैसले के मद्देनजर इस्लामाबाद में धारा 144 लागू कर दी गई थी। पुलिस ने कहा कि फैसले को लेकर बहुत ज्यादा विरोध की उम्मीद नहीं है, लेकिन ऐहतियातन पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।
कोर्ट ने नवाज को सत्ता से किया था बेदखल
पाकिस्तान के तीन बार प्रधानमंत्री रह चुके नवाज शरीफ को पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने पनामा पेपर्स मामले में नाम आने पर पीएम पद के अयोग्य करार दिया था। इसके चलते उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
नवाज के भाई शाहबाज शरीफ ने कहा कि 'हम इंसाफ के लिए सभी कानूनी और संवैधानिक रास्ते चुनेंगे। नवाज शरीफ ने हमेशा हिम्मत से लड़ाई लड़ी है।'