सुप्रीम कोर्ट ने विशेष समिति भी गठित की है, जो सतह या भूजल की खपत करने वाले सभी प्रमुख उद्योगों से जल शुल्क की वसूली की गणना, संग्रह और निगरानी के लिए तंत्र तैयार करेगी। इसमें ऊर्जा क्षेत्र, चीनी, इथेनॉल, रिफाइनरी, टेक्सटाइल, गारमेंट, टेनरी, पेट्रोलियम रिफाइनरी जैसी कंपनियां शामिल हैं। सीमेंट उद्योग से पहले ही इसी तरह का शुल्क लिया जा रहा है।