पाकिस्तान में सेना, खुफिया एजेंसी आईएसआई और न्यायपालिका के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। इस्लामाबाद हाईकोर्ट के जज शौकत अजीज सिद्दिकी ने शनिवार के आईएसआई पर आरोप लगाया था कि उसने पूर्व पीएम नवाज शरीफ की सजा के मामले में दखल दी है। इसके बाद अगले दिन रविवार को सेना ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले पर संज्ञान लेने को कहा। सेना का कहना है कि जज द्वारा खुफिया एजेंसी पर इस तरह के आरोप लगाना ठीक नहीं है। इन आरोपों की जांच की जाए।
मामले पर जज शौकत अजीज सिद्दिकी का कहना है कि आईएसआई के अधिकारियों की मर्जी से ही बेंच का गठन किया जाता है। वह ही मुख्य न्यायाधीश और न्यायाधीशों पर अपनी इच्छा का फैसला लेने के लिए दबाव डालते हैं। एजेंसी ने ही नवाज शरीफ और मरियम को 25 जुलाई तक जेल में रखने के लिए कहा था। उन्होंने आगे कहा कि चाहे सेना की बात करें या फिर मीडिया और नयायपालिका की ये सब आईएसआई के नियंत्रण में हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें भी मुख्य न्यायधीश बनाने का ऑफर मिला था।
पीएमएल-एन ने लगाए आईएसआई के खिलाफ नारे
पीएमएल-एन पार्टी के समर्थकों ने पाक सेना के रावलपिंडी स्थित मुख्यालय के बाहर आईएसआई मुर्दाबाद के नारे लगाए हैं। उन्होंने एजेंसी पर आरोप लगाया है कि वह चुनावों में दखल दे रही है। यह चुनाव पहले से ही फिक्स हैं।
चुनावी कैंपेन में चौथा हमला
पाकिस्तान में 12 दिनों के भीतर चुनावी कैंपेन में चार बार हमला हो चुका है। इस बार हमला देश के डेरा इस्माइल खान में हुआ। इसमें एक पीटीआई उम्मीदवार की भी मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि हमले में 10 किलो बारूद का इस्तेमाल किया गया था।