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पाकिस्तान चुनाव 2018: तो 100 सीटों पर मोदी तय करेंगे परिणाम?

Mon, 23 Jul 2018 12:28 PM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाल
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पाकिस्तान में दो दिन बाद चुनाव होने हैं। इस बार उम्मीदवारों के लिए मोदी और भारत चुनावी रणनीति का मुख्य हिस्सा बन रहे हैं। जबकि हर बार कश्मीर ही बड़ा मुद्दा हुआ करता था। पीएमएल-एन पार्टी के अध्यक्ष और पीएम उम्मीदवार शहबाज शरीफ ने एक रैली के दौरान भारत पर हमला बोला है। रविवार को रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने पाकिस्तान को भारत से बेहतर बनाने की बात की। शरीफ ने कहा कि यदि वह अपने दुश्मन भारत से पाकिस्तान को आगे नहीं लेकर गए तो उनका नाम बदल दिया जाए। उन्होंने कहा कि अगर वह पीएम बने तो भारतीयों को वाघा बॉर्डर तक ले आएंगे और भारतीय पाकिस्तान को आका बोलेंगे। बता दें नवाज शरीफ की इस पार्टी ने पहले कभी चुनावों में भारत का नाम नहीं लिया है।

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पार्टियां उठा रहीं मोदी और शरीफ की दोस्ती का मुद्दा

चुनावी रैलियों में अन्य पार्टियां भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की दोस्ती का मुद्दा लगातार उठा रही हैं। पीपीपी और पीटीआई नेता अपनी रैलियों में भारत के खिलाफ बोल रहे हैं। वहीं पीटीआई तो हर रैली में एक ही नारा लगा रही है, 'मोदी का जो यार है, वो गद्दार है।'

बलूचिस्तान में भी भारत ही है बड़ा चुनावी मुद्दा

इधर बलूचिस्तान में भी भारत को ही चुनाव जीतने के लिए मुद्दा बनाया जा रहा है। यहां की क्षेत्रीय पार्टी बलूचिस्तान आवामी पार्टी (बीएपी) भारत के खिलाफ बोल रही है। पार्टी का कहना है कि 13 जुलाई को मस्तूंग विस्फोट में भारत का हाथ था। बता दें इस विस्फोट में करीब 128 लोगों की मौत हुई थी। इस विस्फोट में बीएपी का उम्मीदवार सिराजरायसानी की भी मौत हुई थी।
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पार्टी सोशल मीडिया पर उम्मीदवार की तस्वीरें शेयर करते हुए भारत के खिलाफ अभियान चला रही है। तस्वीर में सिराजरायसनी तिरंगे पर खड़ा हुआ दिख रहा है। पार्टी का कहना है कि उम्मीदवार की मौत की जिम्मेदार भारत की खूफिया एजेंसियां हैं। वह कार्यकर्ताओं के साथ तिरंगे का अपमान कर रहे हैं। बता दें उम्मीदवार 100 सीटों के लिए मोदी और भारत को ही मुद्दा बना रही हैं। 

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चुनाव से पहले न्यायपालिका, सेना और आईएसआई में लड़ाई

पाकिस्तान में सेना, खुफिया एजेंसी आईएसआई और न्यायपालिका के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। इस्लामाबाद हाईकोर्ट के जज शौकत अजीज सिद्दिकी ने शनिवार के आईएसआई पर आरोप लगाया था कि उसने पूर्व पीएम नवाज शरीफ की सजा के मामले में दखल दी है। इसके बाद अगले दिन रविवार को सेना ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले पर संज्ञान लेने को कहा। सेना का कहना है कि जज द्वारा खुफिया एजेंसी पर इस तरह के आरोप लगाना ठीक नहीं है। इन आरोपों की जांच की जाए।

मामले पर जज शौकत अजीज सिद्दिकी का कहना है कि आईएसआई के अधिकारियों की मर्जी से ही बेंच का गठन किया जाता है। वह ही मुख्य न्यायाधीश और न्यायाधीशों पर अपनी इच्छा का फैसला लेने के लिए दबाव डालते हैं। एजेंसी ने ही नवाज शरीफ और मरियम को 25 जुलाई तक जेल में रखने के लिए कहा था। उन्होंने आगे कहा कि चाहे सेना की बात करें या फिर मीडिया और नयायपालिका की ये सब आईएसआई के नियंत्रण में हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें भी मुख्य न्यायधीश बनाने का ऑफर मिला था।  

पीएमएल-एन ने लगाए आईएसआई के खिलाफ नारे

पीएमएल-एन पार्टी के समर्थकों ने पाक सेना के रावलपिंडी स्थित मुख्यालय के बाहर आईएसआई मुर्दाबाद के नारे लगाए हैं। उन्होंने एजेंसी पर आरोप लगाया है कि वह चुनावों में दखल दे रही है। यह चुनाव पहले से ही फिक्स हैं।

चुनावी कैंपेन में चौथा हमला

पाकिस्तान में 12 दिनों के भीतर चुनावी कैंपेन में चार बार हमला हो चुका है। इस बार हमला देश के डेरा इस्माइल खान में हुआ। इसमें एक पीटीआई उम्मीदवार की भी मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि हमले में 10 किलो बारूद का इस्तेमाल किया गया था।
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