पाकिस्तान में रह रहे हिंदूओं के साथ कैसा व्यवहार किया जाता है, ये तो जगजाहिर है। अब पाकिस्तान के पहले पुलिस अफसर का तमगा पा चुके गुलाब सिंह के एक वीडियो ने नई हलचल पैदा कर दी है। इस वीडियो के जरिए उन्होंने दावा किया है कि उन्हें और सिख समुदाय को पाकिस्तान सरकार जबरन देश से बाहर निकालना चाहती है। गुलाब सिंह का ये बयान उस घटना के एक बाद आया है, जब उनके साथ मारपीट की गई और जबरन उन्हें उनके लाहौर स्थित घर से निकाल दिया गया।
इस घटना से आहत गुलाब सिंह ने न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए अपने इंटरव्यू में बताया कि उनका परिवार 1947 से ही पाकिस्तान में रह रहा है। दंगों के बाद भी वो पाकिस्तान छोड़कर नहीं गए, लेकिन अब उन्हें जबरन देश से निकाला जा रहा है। उन्होंने बताया कि उनके लाहौर स्थित घर को सील कर दिया गया है, जिसमें उनके सभी जरूरी सामान हैं। उनके कपड़ों से लेकर चप्पल-जूते तक घर के अंदर बंद कर दिया गया है। यहां तक की सर पर बांधने वाला पटका भी घर के अंदर बंद कर दिया गया है। उन्होंने वीडियो में अपने सिर के पटके को दिखाते हुए कहा कि ये जो पटका मैंने अपने सिर पर बांध रखा है, ये एक पुराने कपड़े से फाड़कर बांधा है। उन्होंने कहा कि मुझे प्रताड़ित किया गया, मेरे साथ मारपीट की गई और मुझे अपमानित किया गया।
इस घटना के बाद गुलाब सिंह ने दावा किया कि इवैक्यू ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड द्वारा उन्हें घर से बेदखल करने का काम किया गया। बता दें कि इवैक्यू ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति की पैरेंट बॉडी है।
उन्होंने बताया कि 1960 में पाकिस्तान के सिखों के लिए इस बोर्ड का गठन किया गया था, जो 1975 में पूरा हुआ। इसका शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) के साथ एक अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) हुआ था, जिसमें कहा गया था कि पाकिस्तान में रह रहे सिखों को किसी भी तरह से परेशान नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद हमें प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा के नाम पर बोर्ड ने करोड़ों रुपये कमाए हैं, लेकिन इनमें से एक पैसा भी हमारे ऊपर खर्च नहीं किया गया।
गुलाब सिंह ने कहा कि मैं अब अदालत जाऊंगा। कोर्ट की अवमानना को मामला दर्ज कराऊंगा। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वो काफी लाचार और रोते हुए दिखाई दे रहे हैं।