पाकिस्तान के पहले सिख अधिकारी ने दावा किया है कि सरकार के साथ संपत्ति विवाद के बाद उसे उसके बच्चों और पत्नी के साथ उसके गांव के घर से जबर्दस्ती बाहर निकाल दिया गया।
डेली पाकिस्तान ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया कि गुलाब सिंह शाहीन ने एक वीडियो में मंगलवार को कहा कि उसे सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (पीएसजीपीसी) की मूल संस्था ईवेक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ईटीपीबी) ने लाहौर के डेरा चहल गांव में स्थित उसके घर से निकाल दिया।
सिंह ने फेसबुक पर शेयर किए वीडियो में कहा, ‘मेरी पगड़ी को जबर्दस्ती खोल दिया गया।’ वीडियो में सिंह को पुलिस से यह अनुरोध करते हुए देखा जा सकता है कि उसे इस जगह पर ‘कम से कम दस मिनट’ दे दिए जाएं जहां वे 1947 से रह रहे हैं।
साल 2011 में गुलाब सिंह ने सैयद आसिफ अख्तर हाशमी के खिलाफ गुरुद्वारा संपत्ति को गैरकानूनी रूप से बेचने का केस दर्ज कराया था। सिंह ने बाद में दावा किया कि ईटीपीबी सचिव तारिक वजीर ने उसकी पिटाई की।