पाकिस्तान की एक अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया है। यह मामला 2007 के लाल मस्जिद आपरेशन के दौरान एक मौलवी की हत्या से जुड़ा है। कोर्ट ने पूर्व तानाशाह के पेशी से लगातार अनुपस्थित रहने पर संपत्ति जब्ती का आदेश दिया है। 73 साल के मुशर्रफ इस समय दुबई में इलाज करा रहे हैं।
इस्लामाबाद की एक सत्र अदालत शहर के मध्य में स्थित लाल मस्जिद में सैन्य अभियान के दौरान रशीद गाजी की मौत का मामला देख रही है। मामले से जुड़े एक वकील ने बताया कि अतिरिक्त जिला एवं सत्र जज (पश्चिम) परवेज-उल-कादिर मेमन ने सीआरपीसी के सेक्शन 88 के तहत मुशर्रफ की संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने मुशर्रफ के वकील अख्तर शाह की उस अपील को भी खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि लाल मस्जिद आपरेशन के दौरान सेना स्थानीय प्रशासन की मदद कर रही थी। इसलिए सेना के किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जा सकता।