क्या है जिन्ना हाउस का इतिहास
मुंबई के मालाबार हिल इलाके में समुंदर किनारे बने जिन्ना हाउस का निर्माण आर्किटेक्ट क्लाउड बैटले ने यूरोपियन शैली में किया था। पाकिस्तान के संस्थान मोहम्मद अली जिन्ना इस भवन में 1930 के दशक के अंत में कुछ सालों तक रहे थे। पाकिस्तान लगातार इस संपत्ति पर अपना हक होने का दावा ठोकता रहा है और उसकी मांग है कि यह भवन उसे मुंबई में अपना दूतावास स्थापित करने के लिए हैंडओवर कर दिया जाए।
जिन्ना की बेटी ने लगाई हुई है याचिका
जिन्ना की बेटी दीना वाडिया ने अगस्त 2007 में बांबे हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने खुद को जिन्ना का कानूनी उत्तराधिकारी बताते हुए इस भवन का कब्जा देने की मांग की थी। दीना वाडिया की मौत के बाद यह मुकदमा उनके बेटे व वाडिया समूह के चेयरमैन नुस्ली नेविले वाडिया लड़ रहे हैं। हालांकि रवीश कुमार ने दीना वाडिया की याचिका पर लंबित मामले को लेकर कहा कि इस बात पर कुछ करने की जरूरत नहीं है कि कौन लड़ रहा है। यह संपत्ति भारत सरकार की है। उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि याचिकाकर्ता की राष्ट्रीयता पर कोई सवाल नहीं है।
करतारपुर से बदला नहीं करेगा पाकिस्तान
क्या पाकिस्तान अदला-बदली के सौदे के तौर पर जिन्ना हाउस के बदले करतारपुर साहिब की जमीन भारत को सौंपेगा? यह सवाल उठने पर पाक विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने कहा कि बिल्कुल नहीं।
हामिद की रिहाई से नहीं बदलेगी पाक की कश्मीर नीति
मोहम्मद फैसल ने भारतीय कैदी हामिद निहार अंसारी की रिहाई पर कहा कि वह अवैध तरीके से पाकिस्तान आया था और जासूसी के लिए गिरफ्तार होने पर उसे सजा दी गई थी। पाकिस्तानी कानून के अनुसार ही सजा पूरी होने पर उसे रिहा किया गया है। लेकिन इससे पाकिस्तान की कश्मीर नीति में कोई बदलाव नहीं आएगा।