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पाक ने हासिल की बड़ी वैज्ञानिक उपलब्धि, भारत पीछे छूटा

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भारत भले ही विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में दुनियाभर के तमाम बड़े देशों को टक्कर देने का माद्दा रखता हो लेकिन विज्ञान के ही इस क्षेत्र में पाकिस्तान ने भारत को पीछे छोड़ दिया है। यह खबर वाकई में चौंकाने वाली है।
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दरअसल, पाकिस्तान पहला ऐसा एशियाई देश बन गया है जिसे यूरोपियन ऑर्गेनाइजेशन फॉर न्यूक्लियर रिसर्च (सर्न) में सहयोगी देश के रूप में शामिल किया गया है। विदेश विभाग ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा है कि सर्न के सहयोगी देशों में पाकिस्तान को शामिल किया जाना यह दर्शाता है कि विज्ञान और तकनीक के माध्यम से परमाणु ऊर्जा का शांतिपूर्ण उपयोग में देश का अहम योगदान है।

उन्होंने बताया सर्न के प्रमुख प्रोयोगिक कार्यक्रम 'द लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर' में पाकिस्तान ने अपना अहम योगदान दिया है। प्रतिष्ठित संस्था में किसी गैर यूरोपियन देश को बतौर सहयोगी सदस्य शामिल किया जाना वाकई एक सम्मान का विषय है। विदेश विभाग ने कहा, 'पाकिस्तान ऐसा पहला गैर यूरोपियन देश बन गया है जिसने यह उपलब्धि हासिल की है। यह हमारे समर्पित वैज्ञानिकों, तकनीशियनों, इंजीनियरों और राजनयिकों की देन है जिन्होंने इसको संभव बनाया।'
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भारत पर्यवेक्षक देश है

पाकिस्तान और सर्न के बीच सहयोगी सदस्य के लिए हुए समझौते पर पिछले साल 19 दिसम्बर को प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के मौजूदगी में दस्तखत हुए थे जो 31 जुलाई 2015 से प्रभावी हो गए। पाकिस्तान को सहयोगी सदस्य देशों में शामिल किए जाने को लेकर सर्न ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।

सर्न ने कहा कि इससे आपसी सहयोग के एक नए अध्याय की शुरुआत होगी जो पाकिस्तानी वैज्ञानिकों और सर्न के बीच दीर्घकालिक समझौते को मजबूती देगा। इससे पाकिस्तानी वैज्ञानिकों को सर्न का सदस्य बनने और भविष्य के विकास के कार्यक्रमों में हिस्सा लेने का भी मौका मिलेगा।

आपको बता दें कि यूरोपीय नाभिकीय अनुसंधान संगठन 'सर्न' दुनिया की सबसे बड़ी कार्यशाला है जो कण भौतिकी पर शोध का काम करती है। यह फ्रान्स और स्विट्जरलैण्ड की सीमा पर जिनेवा के उत्तर-पश्चिमी उपनगरीय क्षेत्र में स्थित है। इस संस्था में बीस यूरोपियन सदस्य देश हैं। इस समय लगभग 2600 स्थायी कर्मचारी और दुनिया भर के करीब 500 विश्वविद्यालयों एवं 80 राष्ट्रों के लगभग 7930 वैज्ञानिक एवं अभियन्ता कार्यरत हैं। भारत इस संस्था के पर्यवेक्षक देशों में शामिल है।
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