भारत भले ही विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में दुनियाभर के तमाम बड़े देशों को टक्कर देने का माद्दा रखता हो लेकिन विज्ञान के ही इस क्षेत्र में पाकिस्तान ने भारत को पीछे छोड़ दिया है। यह खबर वाकई में चौंकाने वाली है।
दरअसल, पाकिस्तान पहला ऐसा एशियाई देश बन गया है जिसे यूरोपियन ऑर्गेनाइजेशन फॉर न्यूक्लियर रिसर्च (सर्न) में सहयोगी देश के रूप में शामिल किया गया है। विदेश विभाग ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा है कि सर्न के सहयोगी देशों में पाकिस्तान को शामिल किया जाना यह दर्शाता है कि विज्ञान और तकनीक के माध्यम से परमाणु ऊर्जा का शांतिपूर्ण उपयोग में देश का अहम योगदान है।
उन्होंने बताया सर्न के प्रमुख प्रोयोगिक कार्यक्रम 'द लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर' में पाकिस्तान ने अपना अहम योगदान दिया है। प्रतिष्ठित संस्था में किसी गैर यूरोपियन देश को बतौर सहयोगी सदस्य शामिल किया जाना वाकई एक सम्मान का विषय है। विदेश विभाग ने कहा, 'पाकिस्तान ऐसा पहला गैर यूरोपियन देश बन गया है जिसने यह उपलब्धि हासिल की है। यह हमारे समर्पित वैज्ञानिकों, तकनीशियनों, इंजीनियरों और राजनयिकों की देन है जिन्होंने इसको संभव बनाया।'